scorecardresearch
Saturday, 25 April, 2026
होमदेशअर्थजगतसेंसेक्स, निफ्टी 52 सप्ताह के उच्चस्तर पर जाने के बाद मामूली बढ़त के साथ बंद

सेंसेक्स, निफ्टी 52 सप्ताह के उच्चस्तर पर जाने के बाद मामूली बढ़त के साथ बंद

Text Size:

(चार्ट के साथ)

मुंबई, 23 अक्टूबर (भाषा) अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर उम्मीदें बढ़ने के बीच सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और प्रौद्योगिकी शेयरों में बृहस्पतिवार को लिवाली से स्थानीय शेयर बाजार हल्की बढ़त के साथ बंद हुए। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में सेंसेक्स 130 अंक चढ़ गया जबकि निफ्टी में 23 अंक की तेजी रही।

कारोबार के दौरान मानक सूचकांक सेंसेक्स एवं निफ्टी 52 सप्ताह के उच्चस्तर पर पहुंच गए थे लेकिन अंतिम घंटे में मुनाफावसूली हावी होने से अपनी अधिकांश बढ़त को गंवा बैठे। दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज में एक प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट से भी बाजार की तेजी थम गई।

इसके बावजूद घरेलू शेयर बाजार लगातार छठे दिन बढ़त लेने में सफल रहे।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 130.06 अंक यानी 0.15 प्रतिशत चढ़कर 84,556.40 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 863.72 अंक बढ़कर 85,290.06 अंक पर पहुंच गया था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी भी 22.80 अंक यानी 0.09 प्रतिशत बढ़कर 25,891.40 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की कंपनियों में इन्फोसिस में सर्वाधिक 3.86 प्रतिशत की बढ़त रही। इसके अलावा एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन और टेक महिंद्रा भी लाभ में रहे।

हालांकि, इटर्नल, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में गिरावट रही।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘घरेलू शेयर बाजारों की शुरुआत सकारात्मक रही लेकिन रूस की दो पेट्रोलियम कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंधों और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता स्थगित होने की आशंका के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी जिससे शुरुआती बढ़त कम हो गई।’’

नायर ने कहा, ‘‘ हालांकि, एच-1बी वीजा पर डोनाल्ड ट्रंप के नरम रुख के बाद धारणा में सुधार होने से आईटी शेयरों में तेजी आई। संभावित भारत-अमेरिका समझौते और उपभोक्ता मांग में वृद्धि होने से घरेलू बाजार की आंतरिक स्थिति में सुधार हुआ है।’’

उन्होंने कहा कि त्योहारी मांग, आयकर छूट और जीएसटी में कटौती के कारण वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में आय में सुधार की उम्मीदों से उत्साहित होकर विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) धीरे-धीरे भारतीय बाजारों में लौट रहे हैं।

व्यापक बाजार में बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.42 प्रतिशत की गिरावट पर रहा जबकि मिडकैप में 0.15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

क्षेत्रवार सूचकांकों में बीएसई-केंद्रित आईटी खंड सर्वाधिक 2.36 प्रतिशत चढ़ गया जबकि आईटी खंड में 2.26 प्रतिशत, प्रौद्योगिकी खंड में 1.17 प्रतिशत और बैंकिंग खंड में 0.36 प्रतिशत की बढ़त रही। लेकिन सेवा खंड, दूरसंचार और ऊर्जा खंड में गिरावट रही।

बजाज ब्रोकिंग रिसर्च ने एक टिप्पणी में कहा, ‘‘घरेलू शेयर बाजार अपनी शुरुआती बढ़त गंवाकर स्थिर रुख के साथ बंद हुए। वैश्विक व्यापार से जुड़ी अनिश्चितता और घरेलू स्तर पर तेजी देने वाला कोई नया घटनाक्रम न होने से निवेशकों ने मुनाफावसूली को तरजीह दी।’’

एशिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए जबकि दक्षिण कोरिया के कॉस्पी तथा जापान के निक्की गिरावट में रहे।

यूरोप के बाजार दोपहर के सत्र में मिले-जुले रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बुधवार को नकारात्मक दायरे में बंद हुए थे।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, एफआईआई ने मंगलवार को 96.72 करोड़ रुपये के शेयर की शुद्ध खरीदारी की थी।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 5.43 प्रतिशत बढ़कर 65.99 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

दिवाली बलिप्रतिपदा के कारण बुधवार को शेयर बाजार बंद रहे थे। इसके पहले मंगलवार को एक घंटे के विशेष मुहूर्त कारोबार में सेंसेक्स 62.97 अंक बढ़कर 84,426.34 अंक और निफ्टी 25.45 अंक चढ़कर 25,868.60 अंक पर बंद हुआ था।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments