नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (भाषा) एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी, एसएईएल इंडस्ट्रीज, बिजली उत्पादन के लिए 20 लाख टन धान अपशिष्ट खरीदने पर विचार कर रही है।
एसएईएल के पास पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में (राजस्थान में एक निर्माणाधीन परियोजना सहित) 11 अपशिष्ट-से-ऊर्जा (डब्ल्यूटीई) निर्माण संयंत्र हैं, जिनकी कुल क्षमता 165 मेगावाट है।
एक बयान में कंपनी ने कहा कि उसे इस साल कटाई के मौसम की शुरुआत में 20 लाख टन धान अपशिष्ट खरीदने और अपने ईंधन एग्रीगेटर के माध्यम से इसे स्वच्छ बिजली में बदलने की उम्मीद है।
एसएईएल इंडस्ट्रीज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और कार्यकारी निदेशक, लक्षित आवला ने कहा, ‘‘कृषि अपशिष्ट को स्वच्छ ऊर्जा में परिवर्तित करके, हम न केवल किसानों के लिए आय के नए स्रोत बनाने का प्रयास कर रहे हैं, बल्कि पराली जलाने की समस्या से भी निपटने का प्रयास कर रहे हैं। यह पहल मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखने, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और जीवाश्म ईंधन के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करती है, साथ ही एक अधिक मजबूत और टिकाऊ ऊर्जा ग्रिड में योगदान देती है।’’
डब्ल्यूटीई के अलावा, एसएईएल के पास पूरे भारत में 6.7 गीगावाट से अधिक सौर स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादक परिसंपत्तियों का पोर्टफोलियो भी है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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