नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर (भाषा) देश में पीएम-सेतु योजना के तहत विश्वसनीय उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) स्थापित किए जाएंगे। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
मंत्रालय ने कहा कि ये एसपीवी क्लस्टरों का प्रबंधन करेंगे और परिणाम-आधारित प्रशिक्षण सुनिश्चित करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शनिवार को शुरू की गई प्रधानमंत्री कौशल एवं पीएम-सेतु योजना के तहत देशभर के 1,000 सरकारी आईटीआई संस्थानों को आधुनिक और उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण केंद्रों में बदलने की तैयारी है। इस योजना के अंतर्गत नए और मांग के अनुरूप प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
इसके अलावा इस योजना के तहत मौजूदा पाठ्यक्रमों को भी उद्योगों के सहयोग से नया रूप दिया जाएगा। यह योजना दीर्घकालिक डिप्लोमा, अल्पकालिक पाठ्यक्रम और कार्यकारी कार्यक्रमों के लिए मार्ग बनाने में भी मदद करेगी।
पीएम-सेतु (उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार रूपांतरण) ‘केंद्र एवं शाखा’ मॉडल का अनुसरण करेगा, जिसमें 200 केंद्र आईटीआई को 800 शाखा आईटीआई से जोड़ा जाएगा।
प्रत्येक केंद्र उन्नत बुनियादी ढांचे, नवाचार और इन्क्यूबेशन केंद्रों, उत्पादन इकाइयों, प्रशिक्षण सुविधाओं और नियोजन सेवाओं से सुसज्जित होगा, जबकि शाखाएं पहुंच का विस्तार करेंगे।
इस योजना में भुवनेश्वर (ओडिशा), चेन्नई (तमिलनाडु), हैदराबाद (तेलंगाना), कानपुर (उत्तर प्रदेश), लुधियाना (पंजाब) में पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को वैश्विक साझेदारी के साथ उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में मजबूत करने की भी परिकल्पना की गई है।
पीएम-सेतु योजना के पहले चरण के तहत देश भर में 15 ‘केंद्र एवं शाखा’ आईटीआई क्लस्टर चुने गए है, जो विविध क्षेत्रों और औद्योगिक पारिस्थितिकी प्रणालियों में फैले हुए हैं।
इन क्लस्टरों में सोनीपत (हरियाणा), विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश), बिजनौर और मेरठ (उत्तर प्रदेश), हरिद्वार (उत्तराखंड), उज्जैन (मध्य प्रदेश), बेंगलुरु शहरी (कर्नाटक), भरतपुर (राजस्थान), दरभंगा और पटना (बिहार), होशियारपुर (पंजाब), हैदराबाद (तेलंगाना), संभलपुर (ओडिशा), चेन्नई (तमिलनाडु), और गुवाहाटी (असम) शामिल हैं।
शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि पीएम-सेतु एक बहुत ही महत्वाकांक्षी और महत्वपूर्ण योजना है।
मंत्री ने कहा, ”आईटीआई 169 ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान करते हैं और इस वर्ष लगभग नौ लाख छात्रों ने राष्ट्रीय ट्रेड प्रमाणपत्र (एनटीसी) हासिल किया है। भारत के इतिहास में शायद यह पहली बार है कि पीएम-सेतु के माध्यम से आईटीआई में इतने बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।”
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय
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