मुंबई, पांच अक्टूबर (भाषा) इस साल दीपावली के मौके पर देश में त्योहारी यात्रा में रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यात्री अब पारंपरिक पारिवारिक समारोहों को लक्जरी छुट्टियों और आध्यात्मिक यात्राओं के साथ जोड़ रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन यात्रा मंचों पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बुकिंग में जबरदस्त उछाल आया है।
मेकमाईट्रिप के सह-संस्थापक और समूह के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजेश मागो ने कहा कि दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने जाना अब भी त्योहारों के समय यात्रा का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है। उन्होंने बताया कि कई भारतीय दिवाली मनाने के लिए अपने गृहनगर लौटते हैं।
उन्होंने कहा, ”इसलिए सबसे ज्यादा बुक किए गए शीर्ष 10 गंतव्यों में से पांच महानगर हैं (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई)। इस साल चूंकि त्योहार सप्ताह के शुरुआती दिनों में पड़ रहा है, इसलिए कई यात्री लंबी छुट्टियों का आनंद लेने के लिए उससे पहले वाले शुक्रवार से ही अपनी यात्रा की बुकिंग कर रहे हैं।”
मागो ने बताया कि तीर्थ स्थलों पर जाने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि हो रही है, जो दर्शाता है कि किस तरह लोग पारिवारिक मिलन को अब आध्यात्मिकता से जोड़ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूएई, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम जैसे पास के देश इस बार भारतीयों की पसंदीदा सूची में शामिल हैं।
थॉमस कुक (इंडिया) के अध्यक्ष और कंट्री हेड (हॉलीडेज, एमआईसीई, वीजा) राजीव काले ने कहा कि अब पूरा परिवार, जिनमें कई पीढ़ियां शामिल हैं, दीवाली जैसे त्योहारों को साथ मिलकर मनाना चाहता है। साथ ही वे पसंदीदा या नए गंतव्यों की खोज करने पर जोर दे रहे हैं।
उन्होंने बताया, ”अब यात्री तीन दिन की पारंपरिक छुट्टियों की बजाय छह से 12 दिन की लंबी छुट्टियां ले रहे हैं। स्कूल की छुट्टियों का लाभ उठाकर कई पीढ़ी वाले परिवार यात्रा पर निकल रहे हैं, जबकि युवा और कामकाजी लोग सप्ताहांत और त्योहारों की छुट्टियों को जोड़कर छुट्टियों को लंबा बना रहे हैं।”
शीर्ष अंतरराष्ट्रीय पसंदीदा देशों में यूरोप के स्विट्जरलैंड, फ्रांस, इटली, ऑस्ट्रिया, स्पेन और पुर्तगाल शामिल हैं।
काले ने कहा कि कम दूरी के पसंदीदा देशों में वियतनाम, ओमान, मालदीव और बाली शामिल हैं तथा कंबोडिया भी मजबूती से उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि थाईलैंड, मलेशिया, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, दुबई-अबू धाबी, इंडोनेशिया और फिलीपींस जैसे वीजा मुक्त और आसान वीजा गंतव्यों से मांग में वृद्धि जारी है।
उन्होंने कहा कि घरेलू मोर्चे पर यात्री केरल, राजस्थान, उत्तराखंड, अंडमान और चार धाम कैलाश मानसरोवर, अयोध्या और वाराणसी जैसे आध्यात्मिक स्थलों को चुन रहे हैं।
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय
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