सिंगापुर, 10 सितंबर (भाषा) सिंगापुर के पूर्व प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने सिंगापुरवासियों से ‘‘बाहरी ताकतों’’ के खिलाफ आवाज उठाने और अपनी मजबूत राष्ट्रीय पहचान बनाए रखने की अपील की।
‘द स्ट्रेट्स टाइम्स’ अखबार ने बुधवार को अपनी खबर में ली के हवाले से बताया कि मंगलवार को ‘केंट रिज मिनिस्ट्रियल फोरम’ में अपने संबोधन में वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि ‘‘शक्तिशाली बाहरी ताकतों’’ के कारण सिंगापुर पर दबाव बनाया जाएगा।
वह इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या वह राष्ट्रीय पहचान के लिए वैश्वीकरण या फिर घरेलू मतभेदों को बड़ा खतरा मानते हैं ।
ली ने कहा कि मुसलमान इजराइल और हमास के बीच युद्ध को लेकर स्वाभाविक रूप से ज्यादा परेशान हैं, लेकिन भारत या चीन में हो रही घटनाएं उन समुदायों पर ज्यादा प्रभाव डालेंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा काम है इस दबाव का विरोध करना और याद रखना कि बेशक मैं मुसलमान हूं, या चीनी हूं, या भारतीय हूं-लेकिन मैं सिंगापुरवासी भी हूं। मेरा जुड़ाव यहीं से है, मैं यहीं का हिस्सा हूं, और मुझे दुनिया को यहीं के नजरिए से देखकर अपने विचार बनाने चाहिए।’’
नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 800 छात्र और शिक्षक शामिल हुए।
भाषा खारी वैभव
वैभव
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
