नागपुर, सात फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि पिछले महीने दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के दौरान राज्य के लिए हस्ताक्षरित 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों में से पांच लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) अकेले विदर्भ के लिए हैं।
फडणवीस ने ‘एडवांटेज विदर्भ’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए इन आरोपों को खारिज किया कि अक्सर सहमति पत्रों के अनुरूप वास्तविक निवेश नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में वास्तविक निवेश प्रतिशत 75 से 90 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि दावोस में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें से पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश अकेले विदर्भ के लिए है, जिसमें तीन लाख करोड़ रुपये जेएसडब्ल्यू समूह द्वारा और शेष दो लाख करोड़ रुपये कल्याणी समूह, सिएट, वर्धन, ईईएल, वारी और अन्य कॉरपोरेट द्वारा उभरती प्रौद्योगिकियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेएसडब्ल्यू समूह के निवेश से गढ़चिरौली में अच्छा तंत्र विकसित होगा।
सम्मेलन में भाग लेते हुए जेएसडब्ल्यू समूह के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने गढ़चिरौली में 2.5 करोड़ टन क्षमता के इस्पात संयंत्र के लिए अगले सात से आठ वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। फडणवीस ने कहा कि अगले दो से तीन वर्षों में गढ़चिरौली में एक हवाई अड्डा भी बनेगा और परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।
पूर्वी महाराष्ट्र के 11 जिलों वाले विदर्भ क्षेत्र में अन्य परियोजनाओं को सूचीबद्ध करते हुए फडणवीस ने कहा कि नागपुर के बुटीबोरी में एक इलेक्ट्रिक बस विनिर्माण संयंत्र स्थापित किया जाएगा, जबकि चंद्रपुर में एक कोयला गैसीकरण संयंत्र स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास और निवेश पूरे राज्य में फैल रहा है।
फडणवीस ने कहा कि नवी मुंबई हवाई अड्डे का परिचालन अप्रैल के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है और पालघर जिले में वधावन बंदरगाह को नासिक में मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।
वहीं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि गढ़चिरौली अगले पांच वर्षों में भारत का इस्पात केंद्र बन जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पांच हजार अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में विदर्भ का बड़ा हिस्सा होगा।
गडकरी ने कहा कि इन पहल से अगले चार वर्षों में विदर्भ में तीन लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से विदर्भ में सिंचाई परियोजनाओं का उपयोग करने का आग्रह किया और सिंचाई क्षमता को 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 32 प्रतिशत करने की वकालत की।
महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने दावोस में हस्ताक्षरित एमओयू को महज घोषणाएं बताने की विपक्ष की आलोचना का जवाब दिया और गढ़चिरौली जिले में एक इस्पात संयंत्र के लिए जेएसडब्ल्यू समूह के एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का हवाला दिया।
भाषा अमित अजय
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