बाकू, 24 अगस्त (भाषा) ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने फिडे विश्व कप फाइनल खेलने वाले विश्वनाथन आनंद के बाद दूसरे और सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी बनकर भारतीय शतरंज के इतिहास का सुनहरा अध्याय लिख डाला ।
भारत के 18 वर्ष के इस खिलाड़ी को फाइनल में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन ने हराया ।
इस टूर्नामेंट में उनका सफर इस तरह रहा ।
* पहले दौर में बाय मिला
* दूसरे दौर में फ्रांस के ग्रैंडमास्टर मैक्सिम लागार्डे को 1.5 . 0.5 से हराया
* तीसरे दौर में चेक गणराज्य के ग्रैंडमास्टर डेविड नवारा को 1.5 . 0.5 से हराया
* चौथे दौर में दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी अमेरिका के हिकारू नकामूरा को 3 . 1 से मात दी
* पांचवें दौर में हंगरी के फेरेंग बेरकेस को 1.5 . 0.5 से हराया
* छठे दौर में हमवतन अर्जुन एरिगेसी को 5 . 4 से हराया
* इटली . अमेरिका के ग्रैंडमास्टर और दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी फेबियानो कारूआना को सेमीफाइनल में 3.5 . 2.5 से हराया । विश्व कप फाइनल में पहुंचने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने
* फाइनल का पहला मुकाबला 35 चालों के बाद ड्रॉ रहा
* दूसरा मुकाबला 30 चालों के बाद ड्रॉ रहा
* मैग्नस कार्लसन ने टाइब्रेक में प्रज्ञानानंदा को हराया ।
भाषा मोना
मोना
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
