बाकू (अज़रबैजान), 22 अगस्त (भाषा) भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा के शतरंज विश्व कप में शानदार प्रदर्शन ने दिग्गज खिलाड़ी गैरी कास्पारोव को अपने दिनों की याद दिला दी जब वह 64 खानों के इस खेल के बादशाह हुआ करते थे।
प्रज्ञाननंदा की सोमवार को विश्व में तीसरे नंबर के खिलाड़ी फैबियानो कारुआना के खिलाफ जीत से प्रभावित पूर्व विश्व चैंपियन कास्पारोव ने इस 18 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी और उनकी मां के प्रयासों की जमकर तारीफ की।
कास्पारोव ने ट्वीट किया,‘‘ प्रज्ञाननंदा और उनकी मां को बधाई। मैं उन खिलाड़ियों में शामिल था जिनकी मां प्रत्येक प्रतियोगिता में उनके साथ में होती थी। यह विशेष प्रकार का समर्थन होता है। चेन्नई के रहने वाले भारतीय खिलाड़ी ने न्यूयॉर्क के दो खिलाड़ियों को हराया। वह विषम परिस्थितियों में भी दृढ़ बना रहा।’’
प्रज्ञाननंदा ने सेमीफाइनल में टाईब्रेक में कारुआना को 3.5-2.5 से हराया। दो मैचों की क्लासिकल सीरीज 1-1 से बराबरी पर समाप्त होने के बाद प्रज्ञाननंदा ने बेहद रोमांचक टाईब्रेकर में अमेरिका के दिग्गज ग्रैंडमास्टर को पराजित किया। फाइनल में उनका मुकाबला नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन से होगा।
विश्वनाथन आनंद के बाद प्रज्ञाननंदा दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने शतरंज विश्वकप के फाइनल में जगह बनाई।
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पंत
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