नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) एशियाई खेलों के ट्रायल्स से छूट मिलने के लिए साथी पहलवानों के विरोध का सामना कर रहे आंदोलनकारी पहलवानों ने शनिवार को आईओए के तदर्थ पैनल से इस तरह की छूट की मांग करने से इनकार किया और कहा कि अगर यह साबित हो गया तो वे कुश्ती छोड़ देंगे।
लंदन ओलंपिक कांस्य पदक विजेता योगेश्वर दत्त ने शुक्रवार को तदर्थ पैनल के फैसले पर सवाल उठाये थे कि क्या ये पहलवान इस तरह की छूट हासिल करने के लिए ही विरोध कर रहे थे। उन्होंने जूनियर पहलवानों, उनके कोचों और अभिभावकों से इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की बात कही थी।
योगेश्वर दत्त ने कुछ और भी आरोप लगाये थे और बजरंग, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट की तिकड़ी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर अपने फॉलोअर्स को संबोधित करते हुए पूर्व पहलवान और अब भाजपा नेता द्वारा की गयी टिप्पणियों का जवाब दिया।
साक्षी ने कहा, ‘‘हमने ट्रायल्स में छूट नहीं मांगी थी, बस तैयारी के लिए समय मांगा था। ’’
रियो ओलंपिक 2016 की कांस्य पदक विजेता साक्षी ने कहा, ‘‘हमने किसी का भी अधिकार नहीं छीना। हमने सिर्फ समय मांगा था क्योंकि हम कुश्ती से छह महीने दूर रहे थे लेकिन आप गलत जानकारी फैला रहे हो। ’’
तोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग ने कहा, ‘‘अगर आपको एक मुकाबले के ट्रायल से परेशानी थी तो आपको खेल मंत्री के पास जाना चाहिए था। लेकिन आपने सोशल मीडिया के जरिए जहर फैलाने का फैसला किया। ’’
उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘अगर यह साबित हो जाए कि हमने छूट मांगी थी तो हम कुश्ती छोड़ने को तैयार हैं। हमने छूट के लिए कभी कोई पत्र नहीं लिखा। ’’
हालांकि तीनों पहलवानों में से किसी ने भी यह नहीं कहा कि वे पूर्ण ड्रा में खेलने के इच्छुक हैं और फाइनल में सीधे प्रवेश स्वीकार नहीं करेंगे।
पता चला है कि तदर्थ पैनल में शामिल किए गए दो कोच ज्ञान सिंह और अशोक गर्ग ने ही छह पहलवानों के लिए ट्रायल से छूट मांगी थी।
ज्ञान सिंह और अशोक गर्ग पहलवानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर उनके साथ थे।
साक्षी ने योगेश्वर दत्त से गलत संदेश फैलाने से बचने को कहा कि छह पहलवान ‘‘सिर्फ जीतना चाहते थे और एक ट्रायल में भाग लेना चाहते थे। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘अपने जीवन में हम कभी भी बिना किसी ट्रायल्स के नहीं रहे और कभी भी किसी जूनियर को वंचित नहीं किया। ’’
इस तिकड़ी के अलावा बजरंग की पत्नी संगीता फोगाट, साक्षी के पति सत्यव्रत कादियान और जितेंद्र किन्हा को छूट दी गई है।
योगेश्वर दत्त ने शुक्रवार को एक ट्विटर वीडियो में इस फैसले पर सवाल उठाये थे जिसके बाद विनेश ने उनकी आलोचना की थी।
इन पहलवानों ने अपनी लड़ाई जारी रखने की कसम भी खायी।
विनेश ने कहा, ‘‘बृज भूषण शरण सिंह को सजा मिलने तक हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे, हम आरोप पत्र दाखिल होने का इंतजार कर रहे हैं। ’’
साक्षी, बजरंग और विनेश फोगाट महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न के आरोप में भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
भाषा नमिता
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