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नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार उसके नेताओं को ‘‘परेशान’’ करने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने की तैयारी की जा रही है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आबकारी नीति घोटाला मामले में 16 अप्रैल को केजरीवाल को अपने मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया है।
पार्टी ने यह आरोप भी लगाया कि केंद्र आम आदमी पार्टी (आप) से ‘डर’ गई है और उसका उद्देश्य इसे खत्म करना है।
‘आप’ की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की कैबिनेट मंत्री आतिशी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केजरीवाल भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बोलने वाले एकमात्र नेता हैं, यही वजह है कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा, ‘क्या एजेंसियों को उनके या किसी और के आवास पर छापे के दौरान काला धन मिला है? नहीं। केजरीवाल एकमात्र नेता हैं जो भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बात कर रहे हैं। वे उनकी आवाज को दबाना चाहते हैं। लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाएंगे।’
आतिशी ने कहा कि ‘आप’ नेताओं के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं लेकिन जांच एजेंसियां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार साबित नहीं कर पाई हैं।
बाद में ‘आप’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केजरीवाल को गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार उनसे और आम आदमी पार्टी से इतनी डरी हुई क्यों है? उनका उद्देश्य हमारी पार्टी को खत्म करना है। हमारी पार्टी नयी है और केवल दो राज्यों में इसकी सरकार है।’
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ‘आप’ नेताओं को जेल में डालने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का ”दुरुपयोग” कर रही है।
भारद्वाज ने सवाल किया, “आप नेताओं को परेशान करने के लिए केंद्र सरकार अपनी पूरी ताकत क्यों झोंक रही है? प्रधानमंत्री अरविंद केजरीवाल से डरे हुए हैं। भाजपा सरकार ‘आप’ नेताओं को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरूपयोग कर रही है।”
सीबीआई के समन के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा केजरीवाल को अपना समर्थन देने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर, भारद्वाज ने कहा कि पार्टी इसका स्वागत करती है।
उन्होंने कहा कि हाल में जब राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया गया था, तब केजरीवाल उन शुरुआती नेताओं में से एक थे जिन्होंने इस मामले पर नाराजगी व्यक्त की थी।
भाषा जोहेब अर्पणा
अर्पणा
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