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Sunday, 19 April, 2026
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जीवन जीने की उदात्त दृष्टि देती हैं कलाएं: म‍िश्र

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जयपुर, 11 अप्रैल (भाषा) राज्यपाल कलराज मिश्र ने मंगलवार को कहा क‍ि कलाएं जीवन जीने की उदात्त दृष्टि देती हैं।

म‍िश्र ने मंगलवार को राजभवन में एक कार्यक्रम में यह बात कही जहां देश के विभिन्न भागों से आए ख्यातिनाम कलाकारों और बड़ौदा यूनिवर्सिटी के कला प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने उनसे मुलाकात की।

एक बयान के अनुसार राज्यपाल मिश्र ने कलाकारों से कहा कि कलाएं मन को रंजित ही नहीं करती बल्कि जीवन जीने की उदात्त दृष्टि भी देती हैं। उन्होंने विभिन्न कलाओं के अंतर्संबंधों की चर्चा करते हुए कहा कि सभी कलाएं एक दूसरे से मिलकर ही पूर्णता को प्राप्त करती हैं।

राज्यपाल ने जयपुर में राष्ट्रीय धातु की मूर्तिकला को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मूर्तिकला में भारत आरंभ से ही बहुत समृद्ध रहा है।

इस अवसर पर प्रख्यात कलाकार हिम्मत शाह ने अपने कला अनुभव साझा करते हुए कहा की कला साधना है और कलाकार साधक। जम्मू कश्मीर से आए कलाकार पद्मश्री राजेंद्र टिक्कू ने देश के विभिन्न भागों से आए कलाकारों और उनकी कला के बारे में विस्तार से अवगत कराया।

कार्यक्रम के संयोजक राजकुमार पंडित ने बताया की सात दिवसीय इस राष्ट्रीय कला आयोजन में ओडिशा से जगन्नाथ पांडा, मंगलुरु से मंजूनाथ कामथ, नई दिल्ली से पूजा इरन्ना, कर्नाटक से जी आर इरन्ना और अरुणकुमार, हिम्मतशाह, विरमनु श्री आदि भाग ले रहे हैं।

आरंभ में राज्यपाल ने कलाकारों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर एवं शॉल ओढ़ाकर राजभवन की ओर से उनका अभिनंदन किया।

भाषा पृथ्‍वी नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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