मुंबई, 10 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता शरद पवार को याद दिलाया कि जब वह विपक्ष के प्रमुख नेता थे तो 2003 में उनकी अगुवाई में बनी एक संयुक्त संसदीय समिति ने सुरक्षित पेयजल के लिए नियम बनाए थे जो इसी तरह के अमेरिका के नियमों से भी ज्यादा सख्त थे।
चव्हाण की यह टिप्पणी तब आई जब कुछ दिन पहले पवार ने एक साक्षात्कार में अडाणी समूह पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के बजाय उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित समिति का समर्थन किया। कांग्रेस इस मामले की जांच के लिए जेपीसी गठित करने की मांग कर रही है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए चव्हाण ने कहा कि पवार ने संभवत: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से जेपीसी पर बयान दिया होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी में साहस नहीं है और वह अडाणी समूह पर जेपीसी की जांच स्वीकार नहीं करेंगे।
भाषा गोला नेत्रपाल
नेत्रपाल
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.