गुवाहाटी, 20 मार्च (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि धुबरी जिले से लगी भारत-बांग्लादेश सीमा पशु तस्करी सहित ‘कई तरह की आपराधिक गतिविधियों का गढ़ है’ और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को इसे नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखनी होती है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को कई बार सीमा क्षेत्र में उच्च सुरक्षा के कारण ‘कठिनाइयों’ का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि राज्य सरकार बीएसएफ के साथ उचित परामर्श के बाद उन मुद्दों का समाधान कर सकती है।
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के विधायक नजरुल हक के एक सवाल का जवाब देते हुए शर्मा ने कहा, ‘‘भारत-बांग्लादेश सीमा कई कारणों से एक संवेदनशील क्षेत्र है। मवेशियों की तस्करी, अन्य वस्तुओं के अवैध व्यापार का अक्सर प्रयास किया जाता है, इसलिए बीएसएफ को बहुत सारे एहतियाती कदम उठाने पड़ते हैं।’’
हक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से दो किलोमीटर दूर स्थित धुबरी जिले के बाजारों को बीएसएफ के जवान रोजाना शाम पांच बजे बंद करा देते हैं और वह जानना चाहते हैं कि क्या ऐसा कोई निर्देश है।
गृह विभाग संभाल रहे शर्मा ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा भारत-बांग्लादेश सीमा के 500 मीटर के भीतर रोजाना शाम 6 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू है।
उन्होंने कहा, ‘‘बीएसएफ को क्षेत्र में सख्त होना होगा। यह क्षेत्र कई तरह की आपराधिक गतिविधियों का गढ़ है। मुझे आपके द्वारा उठाए गए मामलों पर बीएसएफ के विचारों की जानकारी नहीं है। लेकिन मैं उपायुक्त से बीएसएफ सहित सभी हितधारकों के साथ चर्चा करने और यह गौर करने के लिए कहूंगा कि मुद्दों के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।’’
भाषा आशीष शफीक
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