नयी दिल्ली, 22 फरवरी (भाषा) शीर्ष अदालत में दिव्यांगों की समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए उच्चतम न्यायालय की ओर से गठित समिति ने इस मामले में वकीलों, कार्यकर्ताओं और वादकारियों की राय लेने के लिए दो प्रश्नावलियां जारी की हैं।
शीर्ष अदालत के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश एस. रवीन्द्र भट की अध्यक्षता में गठित समिति ‘कमेटी ऑन एक्सेसिबलिटी’ ने ‘बहुमूल्य प्रतिक्रिया’ एकत्रित करने के लिए प्रश्नावलियां जारी की हैं, ताकि सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों की पहचान करने में इसे सक्षम बनाया जा सके। ये प्रश्नावलियां न्यायालय की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
अधिकारी ने कहा, ‘समिति भारत के सर्वोच्च न्यायालय से संबंधित पहुंच के पहलुओं की जांच करने के लिए एक विशिष्ट दायित्व के साथ काम कर रही है और ये प्रश्नावली उस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक कदम हैं। प्रश्नावली का उद्देश्य पहुंच के सभी पहलुओं पर प्रतिक्रिया एकत्र करना है।’
भारत के प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने पिछले साल दिसंबर में समिति का गठन किया था।
पिछले साल, समिति को विकलांग व्यक्तियों के लिए एक प्रश्नावली तैयार करने और जारी करने का व्यापक अधिकार दिया गया था, जिसमें शीर्ष अदालत के कर्मचारी, अधिवक्ता, वादकारियों और इंटर्न शामिल थे, जो शीर्ष अदालत परिसर का दौरा करते हैं, ताकि वे समस्याओं की प्रकृति और सीमा का आकलन कर सकें।
भाषा सुरेश अविनाश
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