बेंगलुरु, छह फरवरी (भाषा) देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) अर्थवस्वस्था को कार्बन मुक्त करने के लिए हर साल दस करोड़ बेकार मिनरल वाटर, कोल्ड ड्रिंक और अन्य पेट (पीईटी) बोतलों का पुनर्चक्रण (रिसाइकिल) कर उनसे पेट्रोल पंप एवं एलपीजी एजेंसी पर तैनात अपने कर्मचारियों के लिए पर्यावरण-अनुकूल वर्दी बनाएगी।
कंपनी ने घरों को अधिक किफायती और पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल खाना पकाने का विकल्प उपलब्ध कराने के लिए घर में खाना पकाने का स्टोव भी पेश किया है।
इस स्टोव को सौर ऊर्जा के साथ-साथ सहायक ऊर्जा स्रोतों पर भी चलाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां ‘भारत ऊर्जा सप्ताह’ के उद्घाटन समारोह के दौरान आईओसी की वर्दी ‘अनबॉटल्ड’ को पेश किया। साथ ही उन्होंने खाना पकाने की ‘इंडोर’ कुकिंग प्रणाली को भी व्यावसायिक रूप से पेश किया।
मोदी ने कहा कि इनडोर सौर कुकिंग की शुरुआत से खाना पकाने की हरित और स्वच्छ प्रणाली के लिए नया आयाम खुलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि खाना पकाने का यह चूल्हा निकट भविष्य में तीन करोड़ परिवारों तक पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि ‘अनबॉटल्ड’ के तहत 10 करोड़ पेट बोतलों का पुर्नचक्रण किया जाएगा, जिससे पर्यावरण के संरक्षण में मदद मिलेगी।
इस कार्यक्रम में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘‘हम ऊर्जा दक्षता पर ध्यान दे रहे हैं। हमारा जोर हाइड्रोजन सहित भविष्य के ईंधन और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने पर है।’’
भाषा रिया अजय
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