नागपुर, सात जनवरी (भाषा) भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने शनिवार को डोपिंग खतरे से निपटने के लिए प्रतियोगिता से बाहर होने वाले परीक्षणों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उषा यहां ‘खासदार क्रीड़ा महोत्सव’ के उद्घाटन से पहले बोल रही थीं।
डोपिंग को खत्म करने के सवाल को उषा ने इसे एक बड़ा मुद्दा करार देमे हुए कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि ऑफ-सीजन (सत्र के बाद या पहले) में और अधिक खिलाड़ियों का औचक परीक्षण किया जाए। प्रतियोगिता से बाहर के परीक्षणों को बढ़ाया जाना चाहिए। इसके अलावा जागरूकता बढ़ाने के लिए अधिक कक्षाएं दी जा रही हैं, लेकिन फिर भी डोपिंग के मामले आ रहे है।’’
उषा ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि प्रतियोगिता से बाहर परीक्षणों की अधिक आवश्यकता है और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाना चाहिए।’’
भारत 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी करना चाह रहा है और उषा से जब पूछा गया कि क्या देश इसके लिए तैयार है तो उसने कहा, ‘‘हम मेजबानी कर सकते हैं लेकिन हमें और पदक भी लाने होंगे। हमारे पास किसी चीज की कमी नहीं है, लेकिन उससे पहले हमें अधिक पदकों के लिए तैयार रहना होगा।
यह पूछे जाने पर कि अगला राष्ट्रीय खेल कहां होगा, उषा ने कहा कि इसका आयोजन गोवा में होना था।
भाषा आनन्द मोना
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