नयी दिल्ली, नौ नवंबर (भाषा) विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने निर्यातकों को विदेश व्यापार नीति के तहत प्रोत्साहन का लाभ देने के लिए मानदंडों को अधिसूचित कर दिया है।
वाणिज्य मंत्रालय के तहत डीजीएफटी ने पहले ही भारतीय रुपये में निर्यात और आयात के चालान या इन्वॉयस, भुगतान और निपटान की अनुमति दे दी है। इसका उद्देश्य घरेलू मुद्रा में व्यापार को सुगम बनाना और बढ़ावा देना है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने घरेलू मुद्रा में वैश्विक व्यापारिक समुदाय की बढ़ती रुचि को देखते हुए जुलाई में बैंकों को भारतीय रुपये में निर्यात और आयात लेनदेन के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करने के लिए कहा था।
अधिसूचना में कहा गया है कि जुलाई में जारी आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार निर्यात में लाभ, प्रोत्साहन और भारतीय रुपये में निर्यात प्राप्तियों का लाभ उठाने लिए विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) में बदलाव किए गए हैं।
अधिसूचना के अनुसार, ‘‘इसी आधार पर एफटीपी के तहत लाभ/प्रोत्साहन/निर्यात दायित्व को भारतीय रुपये में प्राप्ति के लिए आरबीआई के 11 जुलाई, 2022 के दिशानिर्देशों के अनुसार बढ़ा दिया गया है।’’
भाषा जतिन अजय
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