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Sunday, 26 April, 2026
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कच्चे माल की लागत बढ़ने से कंपनियों का मार्जिन पहली तिमाही में 2.13 प्रतिशत घटा, राजस्व बढ़ा

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मुंबई, 29 अगस्त (भाषा) कच्चे माल की ऊंची लागत के कारण घरेलू कंपनियों के कारोबार में चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 39 प्रतिशत का उछाल जरूर आया लेकिन उनका परिचालन मार्जिन 2.13 प्रतिशत घटकर 17.7 प्रतिशत पर आ गया। एक रिपोर्ट में यह कहा गया है।

रेटिंग एजेंसी इक्रा ने वित्तीय क्षेत्र को छोड़कर 620 सूचीबद्ध कंपनियों के विश्लेषण के आधार पर तैयार रिपोर्ट में कहा है कि कंपनियों ने जिंस और ऊर्जा के रूप में कच्चे माल की ऊंची लागत का बोझ ग्राहकों पर डाला। इससे राजस्व में वृद्धि तो हुई, लेकिन मार्जिन पर असर पड़ा है।

मार्जिन में कमी का कारण रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण आपूर्ति व्यवस्था का बाधित होना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दूसरी छमाही में मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।

इक्रा ने कहा कि 620 कंपनियों के राजस्व में जून तिमाही में सकल रूप से 39.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसका एक कारण पिछले साल कोविड महामारी की दूसरी लहर के कारण तुलनात्मक आधार का कमजोर होना है। दूसरा कारण विभिन्न क्षेत्रों में कीमतों में तेज वृद्धि है।

हालांकि, पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च) की तुलना में कारोबार में केवल 1.5 प्रतिशत की ही वृद्धि हुई है। यह रुख विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग है।

एजेंसी में उपाध्यक्ष और सह-समूह प्रमुख किंजल शाह ने कहा, ‘‘महामारी की दूसरी लहर के बाद मांग में सुधार के कारण वित्त वर्ष 2021-22 में अधिकतर वस्तुओं, विशेष रूप से धातुओं की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई। इससे मार्जिन पर दबाव बढ़ा है।’’

पहली तिमाही में कीमतों पर दबाव को लेकर चुनौती बनी रही और इससे मार्जिन प्रभावित हुआ। इससे, इस तिमाही में परिचालन लाभ मार्जिन 2.13 प्रतिशत घटकर 17.7 प्रतिशत रह गया।

भाषा

रमण अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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