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Sunday, 26 April, 2026
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सरकार ने भू-मानचित्रण, आर्द्रभूमि संरक्षण पर 13 परियोजनाओं को मंजूरी दी

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नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) सरकार ने लगभग 818 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से भू-मानचित्रण, सीवरेज प्रबंधन और आर्द्रभूमि संरक्षण से संबंधित 13 परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

जल शक्ति मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने बुधवार को अपने महानिदेशक जी. अशोक कुमार की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति की 44वीं बैठक आयोजित की।

बैठक में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भू-मानचित्रण से संबंधित 13 परियोजनाओं, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में गंदे नाले (सीवरेज) प्रबंधन परियोजनाओं, उत्तराखंड में रिवरफ्रंट विकास कार्य, आर्द्रभूमि संरक्षण, अर्थ गंगा और कोलकाता में बेलिया सर्कुलर कैनाल के फाटकों के नवीनीकरण को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत लगभग 818 करोड़ रुपये है।

गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के वैज्ञानिक भू-मानचित्रण के लिए तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें एनईईआर द्वारा ‘फ्लुवियल जियोमॉर्फोलॉजी मैपिंग ऑफ हिंडन रिवर बेसिन’ शामिल है। हिंडन नदी गंगा की दूसरी स्तर की सहायक नदी है।

गंगा बेसिन में सीवरेज प्रबंधन के लिए पांच परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें तीन एसटीपी के विकास से जुड़े 57.09 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बिहार के सुपौल में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और इंटरसेप्शन एंड डायवर्जन (आई एंड डी) कार्य शामिल हैं।

मंत्रालय ने कहा कि यमुना नदी पर मथुरा के लिए एक परियोजना को भी मंजूरी दी गई है, जिसमें लगभग 282 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

भाषा सुरेश पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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