बेंगलुरु, 13 फरवरी (भाषा) कर्नाटक में जारी हिजाब विवाद के बीच सोमवार से शुरु हो रहे विधानमंडल के सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। इस दौरान मेकेदातु परियोजना के क्रियान्वयन, ठेकेदार संघ द्वारा लगाए गए रिश्वत लेने के आरोप और अन्य मुद्दे उठाए जा सकते हैं।
राज्य विधानमंडल का दस दिवसीय सत्र 25 फरवरी तक चलेगा। सत्र के पहले दिन सोमवार को कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे, जिसमें दोनों सदनों के सदस्य शामिल होंगे। पिछले साल जुलाई में राज्यपाल का पदभार संभालने के बाद गहलोत के लिए संयुक्त सत्र को संबोधित करने का यह पहला मौका होगा।
सत्र के हंगामेदार रहने की उम्मीद है क्योंकि प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस कई मुद्दों पर सरकार को घेर सकती है, जिसमें हिजाब विवाद, कानून व्यवस्था की स्थिति शामिल है। हिजाब विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है।
नेताओं, मंत्रियों और नौकरशाहों के खिलाफ कर्नाटक राज्य ठेकेदार संघ द्वारा लगाए गए 40 प्रतिशत कमीशन के आरोपों का मुद्दा भी कांग्रेस उठा सकती है। मेकेदातु परियोजना के क्रियान्वयन संबंधित मुद्दा भी कांग्रेस उठा सकती है। वहीं, भाजपा कोविड पाबंदियों के बावजूद इस मुद्दे पर पदयात्रा निकालने के लिये कांग्रेस पर जवाबी हमला कर सकती है। विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने सत्र की रणनीति पर चर्चा के लिए 14 फरवरी को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है।
दिसंबर में बेलगावी में शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा द्वारा पारित विवादास्पद धर्मांतरण विरोधी विधेयक को सत्र के दौरान विधानपरिषद में उठाए जाने की संभावना है।
भाषा
संतोष
संतोष दिलीप
दिलीप
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.