नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने ‘बुली बाई’ ऐप मामले में, शनिवार को एक व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
अदालत ने कहा कि आरोपी का आचरण पंथनिरपेक्षता और बंधुत्व के संवैधानिक सिद्धांत के विरुद्ध है जो महिलाओं का सम्मान सुनिश्चित करता है। आरोपी विशाल सुधीरकुमार झा को राहत देने से इनकार करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने यह टिप्पणी की।
अदालत ने कहा कि उक्त ऐप “बदनाम” करने वाला है और आरोपी के खिलाफ आरोप गंभीर हैं क्योंकि इसके जरिये उसने “एक समुदाय विशेष की महिलाओं के सम्मान और शील पर हमला किया।”
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