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राहुल गांधी की फाइल फोटो | दिप्रिंट
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नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने 2019 लोक सभा चुनाव से पहले बड़ी घोषणा की है. पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार आती है तो देश के 20 फीसदी सबसे गरीब परिवारों को हर साल 72,000 रुपये साल दिए जाएंगे. राहुल ने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी जी हिंदुस्तान के सबसे अमीर लोगों को पैसा दे सकते हैं तो कांग्रेस पार्टी गरीबों को पैसा दे सकती है.

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि याद कीजिए कि मैंने एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में मैंने वादा किया था कि मैं दस दिनों में ऋृण माफ कर दूंगा हमारी पार्टी ने कर दिया है. और अब मैं फिर यह कहना चाहता हूं कि कांग्रेस पार्टी जब सत्ता में आएगी तो देश के करीब 20 फीसदी सबसे गरीब परिवार को 72000 रुपये प्रतिवर्ष का देगी. पांच करोड़ परिवार 25 करोड़ लोगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा. मिनिमम इनकम लाइन 12 हजार रुपये की है.इस दौरान उन्होंने बार बार कहा कि यह योजना एतिहासिक है और ऐसी कोई भी योजना दुनिया के किसी भी देश में नहीं है.

राहुल गांधी ने कहा कि यह मनरेगा का ही सेकेंड फेज है. उस दौरान हमने 14 करोड़ लोगों को गरीबी से उबारा था लेकिन इस फेज में हम 25 करोड़ लोगों को गरीब से निकालने का वायदा किया है. उन्होंने इस दौरान एकबार फिर से मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं तो प्रेस कांफ्रेंस करता हूं…और आपके बीच बैठा होता हूं.

उन्होंने कहा कि हमारे मैनिफेस्टो में शिक्षा, रोजगार को स्थान दिया है. उन्होंने बार बार कहा कि आज मैं सिर्फ न्याय पर बात करने आया हूं. उन्होंने कहा कि मैं गरीबों को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि यह देश उनका भी है और गरीबों और अमीरों को बराबर हक है. वहीं उन्होंने यह भी कहा कि इस देश का झंडा एक है और मैं इसे बंटने नहीं दूंगा. लेकिन जब उनसे 12000 महीने गरीबों को दिए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह पायलट प्रोजेक्ट है और उसपर अभी काम चल रहा है. यह पूरा कार्यक्रम तीन फेज में पूरा किया जाएगा.

बता दें कि इससे पहले फ्रांस के अर्थशास्त्री थॉमस पिकेटी ने कांग्रेस पार्टी के मिनिमम इनकम गारंटी (एमआईजी) वाले चुनावी वादे का बचाव किया था. उन्होंने कहा था, ‘देश के अमीरों ने यहां के गरीबों के साथ बुरा व्यवहार किया है. अब समय आ गया है कि जाति संघर्ष की राजनीति से धन वितरित करने की राजनीति की तरफ बढ़ें.’

दिप्रिंट को ईमेल पर दिए गए जवाब में पिकेटी ने कहा था कि वो इस स्कीम को बनाने में कांग्रेस की मदद कर रहे हैं. दिप्रिंट ने 31 जनवरी को ही बता दिया था कि पिकेटी के अलावा 2015 में नोबेल प्राइज़ जीतने वाले ब्रिटेन के अर्थशास्त्री एंगस डीटन भी कांग्रेस के इस चुनावी वादे को रूप-रेखा देने में मदद कर रहे हैं. हालांकि, बाद में डेटन ने दिप्रिंट से कहा था कि कांग्रेस पार्टी के किसी व्यक्ति ने उनसे संपर्क नहीं किया है.


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