नई दिल्ली: चीन ने अपने दो सबसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों झांग यूशिया और लियू झेनली को सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) से हटा दिया है. यह कदम जनवरी में उनके खिलाफ शुरू की गई जांच के बाद उठाया गया है. दोनों पर अनुशासन और कानून के कथित उल्लंघन के आरोपों की जांच चल रही थी.
झांग चीनी सेना में सबसे ऊंचे पद वाले वर्दीधारी अधिकारी थे. वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अध्यक्षता वाले CMC के वाइस चेयरमैन थे. वह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य भी हैं. लियू CMC के सदस्य और उसके जॉइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के चीफ ऑफ स्टाफ थे.
जनवरी में शी ने अचानक सात सदस्यीय CMC से झांग और लियू को हटा दिया था. सैन्य व्यवस्था में शी के बाद दूसरे नंबर पर रहे झांग को राष्ट्रपति के सबसे करीबी विश्वासपात्रों में से एक माना जाता था.
चीन में कम्युनिस्ट पार्टी और राज्य के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन की अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं. न तो झांग और न ही लियू को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में उनके पदों से औपचारिक रूप से या सार्वजनिक रूप से हटाया गया है.
चीनी रक्षा मंत्रालय के एक बयान में झांग पर “अनुशासन और कानून का गंभीर उल्लंघन” करने का आरोप लगाया गया.
झांग को हटाया जाना उन आखिरी वरिष्ठ CMC सदस्यों में से एक के बाहर होने का संकेत है, जो शी की नियुक्तियों के सबसे हालिया दौर से पहले इस शीर्ष सैन्य संस्था का हिस्सा थे. 2022 में शी द्वारा सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में नियुक्त किए गए सभी छह कमांडर अब सार्वजनिक नजरों से दूर हैं.
राज्य का सेंट्रल मिलिट्री कमीशन चीन के 1982 के संविधान के तहत बनाया गया था. यह “सशस्त्र बलों का नेतृत्व करने” के लिए जिम्मेदार मुख्य सरकारी संस्था है. वहीं, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का सेंट्रल मिलिट्री कमीशन सैन्य नीति बनाने में राजनीतिक दिशा देता है. राज्य वाला CMC सेना में प्रमुख अधिकारियों की नियुक्तियों की देखरेख करता है, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के वित्तीय और सामग्री संसाधनों का प्रबंधन करता है, नियम बनाता है और कानूनों को लागू करता है. इसका मकसद सेना को ज्यादा व्यवस्थित और पेशेवर संगठनात्मक ढांचा देना है.
राज्य के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के चेयरमैन को ही सशस्त्र बलों का कमांडर-इन-चीफ भी बनाया जाता है. यह पहले की व्यवस्था से अलग है, जिसमें या तो राज्य के राष्ट्रपति या पार्टी के चेयरमैन के पास सैन्य कमान होती थी.
हालांकि, व्यवहार में कम्युनिस्ट पार्टी का मिलिट्री कमीशन अब भी एक प्रमुख संस्था है, जिसके जरिए सशस्त्र बलों पर राजनीतिक नियंत्रण रखा जाता है.
झांग और लियू को हटाया जाना शी के नेतृत्व में चल रहे अभियान की ताजा कार्रवाई है. 2025 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर 10 लाख से ज्यादा औपचारिक जांच शुरू की थीं. यह संख्या शी के सत्ता में आने के समय दर्ज संख्या से करीब सात गुना ज्यादा थी. उसी साल पार्टी ने नौ शीर्ष जनरलों को निष्कासित किया था. यह दशकों में चीनी सेना के भीतर की गई सबसे बड़ी सार्वजनिक कार्रवाई में से एक थी.
झांग और लियू के खिलाफ जांच शुरू होने के बाद राज्य के CMC में शी के अलावा सिर्फ एक सदस्य रह गया था—जनरल झांग शेंगमिन. वह सेना में अनुशासन और शी के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की देखरेख करते हैं. झांग शेंगमिन को पिछले साल ही इस कमीशन में शामिल किया गया था.
अप्रैल 2026 में शिनजियांग के कम्युनिस्ट पार्टी सचिव मा शिंगरुई के खिलाफ जांच शुरू की गई. उन्हें हटाए जाने के बाद पहली बार माओ जेडोंग के दौर के बाद ऐसा हुआ कि पार्टी के एक ही पांच साल के कार्यकाल के दौरान पोलित ब्यूरो के तीन मौजूदा सदस्यों को हटा दिया गया.
मई 2026 में Foreign Affairs में प्रकाशित एक लेख में कहा गया, “जो अभियान भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई के रूप में शुरू हुआ था, वह अब अधिकारियों को नियंत्रित करने, राजनीतिक प्राथमिकताओं को लागू करने और नीतियों के क्रियान्वयन की निगरानी करने वाली एक व्यापक व्यवस्था बन गया है.” इसमें कहा गया, “इसलिए शी के अनुशासन अभियान को CCP को खुद बदलने की एक व्यापक कोशिश के तौर पर समझा जाना चाहिए.”
हटाए गए कई लोग पार्टी की शक्तिशाली सेंट्रल कमेटी के सदस्य थे और चीनी सैन्य व्यवस्था में सबसे ऊंचे पदों पर थे.
सबसे प्रमुख मामलों में से एक हे वेइदोंग का था, जिन्हें मार्च 2025 में सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के वाइस चेयरमैन के पद से हटा दिया गया था. वह शी के बाद चीन के दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी थे. मार्च के बाद से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं. उन्हें हटाया जाना कई वर्षों में पहली बार था जब पोलित ब्यूरो के किसी मौजूदा सदस्य, जो कम्युनिस्ट पार्टी की सबसे बड़ी फैसला लेने वाली संस्था है, को इस तरह हटाया गया.
मियाओ हुआ, जो सेना के वैचारिक और राजनीतिक नियंत्रण की देखरेख करते थे; सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पॉलिटिकल वर्क डिपार्टमेंट के एग्जीक्यूटिव डिप्टी डायरेक्टर हे होंगजुन; और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के जॉइंट ऑपरेशंस कमांड सेंटर के एग्जीक्यूटिव डिप्टी डायरेक्टर वांग शियुबिन को भी निष्कासित कर दिया गया.
ईस्टर्न थिएटर कमांड के कमांडर लिन शियांगयांग को भी हटा दिया गया. इसके अलावा आर्मी के पॉलिटिकल कमिसार किन शुतोंग, नेवी के पॉलिटिकल कमिसार युआन हुआझी, रॉकेट फोर्सेज के कमांडर वांग हौबिन और आर्म्ड पुलिस फोर्स के कमांडर वांग चुनिंग को भी निष्कासित कर दिया गया.
अलग से, बुधवार को चीन की शीर्ष राजनीतिक सलाहकार संस्था चीनी पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस (CPPCC) ने 2020 के गलवान संघर्ष के दौरान वेस्टर्न थिएटर कमांड के पूर्व कमांडर झाओ जोंगकी को भी अपनी सदस्यता से हटा दिया.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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