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Saturday, 12 September, 2026
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BRICS में काई ची पर क्यों टिकी नजरें? शी के चीफ ऑफ स्टाफ से लेकर सुरक्षा तक, उनके पास कितनी ताकत

काई ची ने पिछले साल SCO समिट में PM मोदी के साथ बैठक की थी. जब मई में ट्रंप चीन के दौरे पर आए, तो वे अमेरिकी राष्ट्रपति से हाथ मिलाने वाले पहले चीनी अधिकारी थे.

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नई दिल्ली: सात साल में पहली बार भारत आए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगी काई ची भी आए हैं. उन्हें चीन का असल में दूसरा सबसे ताकतवर नेता बताया जाता है.

हालांकि, चल रहे BRICS शिखर सम्मेलन में चीन के विदेश मंत्री वांग यी एक जाना-पहचाना चेहरा हैं, लेकिन 67 सदस्यीय चीनी प्रतिनिधिमंडल में लंबे कद वाले, सफेद बालों वाले काई ची पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है. इसकी मुख्य वजह शी जिनपिंग तक उनकी पहुंच है.

यहां तक कहा जाता है कि माओ के ‘ग्रेट सेक्रेटरी’ वांग डोंगशिंग के पास भी उतनी व्यापक ताकत नहीं थी, जितनी आज काई ची के पास है. चीन के इस नेता का स्थान सात सदस्यीय पोलित ब्यूरो स्थायी समिति में पांचवां है और वह चार दशकों से ज्यादा समय में पहले ऐसे नेता हैं, जो एक साथ पार्टी के ताकतवर जनरल ऑफिस का प्रमुख भी हैं.

जनरल ऑफिस के निदेशक को ‘ग्रेट सेक्रेटरी’ या दामी कहा जाता है. इस पद का मुख्य काम शीर्ष नेता की सेवा करना होता है. दामी लॉजिस्टिक्स का इंतिजाम करता है, दस्तावेज तैयार करता है, बैठकें बुलाता है, सुरक्षा की व्यवस्था करता है और महासचिव का कार्यक्रम संभालता है.

इस पद के पास इतिहास में काफी अनौपचारिक ताकत रही है, क्योंकि निदेशक के पास शीर्ष नेता से जुड़ी बहुत सी जानकारी और उन तक पहुंच का नियंत्रण होता है.

Prime Minister Narendra Modi met with Cai Qi, the Secretary of the Secretariat of the CCP, on the sidelines of the last year's Shanghai Cooperation Organisation Summit in Tianjin, China | X/@airnewsalerts
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन से इतर CCP की सचिवालय के सचिव काई ची से मुलाकात की थी | X/@airnewsalerts

पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तियानजिन यात्रा के दौरान काई ची ने उनसे मुलाकात की थी. मोदी वहां शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में शामिल होने गए थे.

जब डोनाल्ड ट्रंप मई में चीन गए थे, तो अमेरिकी राष्ट्रपति से हाथ मिलाने वाले पहले चीनी अधिकारी काई ची थे. यह एक महत्वपूर्ण तस्वीर थी. द इकोनॉमिस्ट ने भी उन्हें ‘अमेरिकी अधिकारियों और कई अन्य विदेशी सरकारों के लिए काफी महत्वपूर्ण व्यक्ति’ बताया था.

इसकी वजह यह है कि काई ची को दी गई जिम्मेदारियों की संख्या और उनका स्तर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के इतिहास में असामान्य है. काई ची, सेंट्रल गार्ड ब्यूरो के प्रमुख के रूप में शी की निजी सुरक्षा के जिम्मेदार हैं. यह सादे कपड़ों में रहने वाली एक ऐसी सुरक्षा टीम है, जो मौजूदा और रिटायर हो चुके नेताओं की सुरक्षा करती है और उन पर नजर भी रखती है. यह एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील पद है और 2022 से शी द्वारा जनरलों के खिलाफ की गई अभूतपूर्व कार्रवाई के बाद यह और भी महत्वपूर्ण हो गया है.

शी के चीफ ऑफ स्टाफ के तौर पर काई ची उनका कार्यक्रम, उनसे मिलने वाले लोगों और उन तक पहुंचने वाली जानकारी को नियंत्रित करते हैं. वह आम तौर पर चीन के अंदर या विदेश यात्रा के दौरान राष्ट्रपति के साथ रहते हैं और उनकी मेडिकल देखभाल की निगरानी भी करते हैं.

शी के ‘ग्रेट सेक्रेटरी’

काई ची सेंट्रल सेक्रेटेरिएट के प्रमुख भी हैं. यह कम्युनिस्ट पार्टी की प्रशासनिक शाखा है, जो नेतृत्व द्वारा लिए गए फैसलों को लागू करने और पार्टी के रोजमर्रा के कामकाज की निगरानी के लिए जिम्मेदार है. इस पद की वजह से उन्हें कई तरह की नीतियों पर अधिकार मिलता है.

इसके अलावा, वह साइबर मामलों की जिम्मेदार पार्टी की एक समिति की निगरानी करते हैं और सेंट्रल नेशनल सिक्योरिटी कमीशन के सदस्य भी हैं. यह एक बेहद गुप्त संस्था है, जिसके बारे में माना जाता है कि इसमें पुलिस, खुफिया सेवाओं और सेना के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं.

काई ची ने पहली बार अपनी राजनीतिक तेजी से बढ़ती ताकत के कारण ध्यान खींचा. 2017 में उन्हें सीधे पोलित ब्यूरो में शामिल किया गया, जो कम्युनिस्ट पार्टी का दूसरा सबसे बड़ा फैसला लेने वाला निकाय है. यह पदोन्नति बीजिंग, जो चीन की राजधानी है, के कम्युनिस्ट पार्टी प्रमुख बनाए जाने के कुछ ही महीनों बाद हुई थी.

यह पद भी उन्हें बीजिंग के मेयर के रूप में कुछ ही महीने काम करने के बाद मिला था. सामान्य परिस्थितियों में इस तरह का बदलाव होने में कम से कम पांच साल लगते.

अक्टूबर 2022 में वह सात सदस्यीय पोलित ब्यूरो स्थायी समिति में शामिल हुए, जो सत्ता का सबसे ऊंचा स्तर है. काई ची से पहले केवल वांग डोंगशिंग ही ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने सांस्कृतिक क्रांति के दौरान एक साथ जनरल ऑफिस के निदेशक और पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के सदस्य के रूप में काम किया था.

जून में 70 साल के काई ची को कम्युनिस्ट पार्टी के सेंट्रल पार्टी स्कूल का प्रमुख बनाया गया. यह पार्टी की वह खास संस्था है, जो अधिकारियों को प्रशिक्षण देती है और पार्टी की विचारधारा को तैयार करती है.

काई ची और शी की पृष्ठभूमि कुछ हद तक समान है. 1996 में जब काई ची फुजियान प्रांतीय कम्युनिस्ट पार्टी समिति के उप सचिव थे, तब उन्हें खास तौर पर ‘कॉमरेड जिनपिंग की सेवा’ करने की जिम्मेदारी दी गई थी.

अपने करियर की शुरुआत में काई ची वीबो पर असामान्य रूप से लोकप्रिय अधिकारी थे. वीबो चीन में ट्विटर जैसा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है. वह ‘अंकल काई’ नाम का इस्तेमाल करते थे और आम लोगों से खुलकर बातचीत करते थे. कभी-कभी वह उनकी शिकायतें दूर करने में भी मदद करते थे.

2014 में पार्टी के एक महत्वपूर्ण केंद्रीय पद पर नियुक्त होने के बाद यह बदल गया. इसके बाद उन्होंने अपना वीबो अकाउंट डिलीट कर दिया. लोगों से आसानी से घुलने-मिलने वाले ‘अंकल काई’ की छवि गायब हो गई और शासन के मामले में उनका तरीका ज्यादा सख्त हो गया.

2027 की पार्टी कांग्रेस से पहले एक महत्वपूर्ण व्यक्ति

काई ची शायद CCP के इतिहास में जनरल ऑफिस के सबसे प्रभावशाली निदेशक हो सकते हैं. हालांकि, औपचारिक प्रोटोकॉल के अनुसार प्रधानमंत्री ली च्यांग देश के ‘नंबर दो’ हैं. इसी वजह से अलग-अलग आकलन सामने आते हैं कि आखिर शी, ली के ज्यादा करीब हैं या काई ची के.

ली का शी के साथ काम 2004 में शुरू हुआ था. उस समय शी झेजियांग प्रांत के प्रभारी थे और 43 साल के ली को झेजियांग प्रांतीय पार्टी समिति का महासचिव बनाया गया था.

दूसरी ओर, 2027 में काई ची 71 साल के हो जाएंगे. ऐसे में कम्युनिस्ट पार्टी के पारंपरिक नियमों के अनुसार उनके लिए अपने मौजूदा पदों पर बने रहना मुश्किल माना जाता है.

सिंगापुर की चीन पर केंद्रित पत्रिका थिंक चाइना के वेन शुआन त्साई के अनुसार, यह तथ्य कि वह एक वफादार अधिकारी हैं और पारंपरिक रिटायरमेंट उम्र पार कर चुके हैं, शायद यही वजह है कि शी ने उन्हें इतनी ज्यादा ताकत सौंपने में खुद को सुरक्षित महसूस किया है.

अगर यह बात सही साबित होती है, तो 2027 के आखिर में होने वाली 21वीं राष्ट्रीय कांग्रेस में काई ची पोलित ब्यूरो स्थायी समिति और अन्य महत्वपूर्ण संस्थाओं में अपने पद खो सकते हैं. इसके बदले उन्हें उपराष्ट्रपति जैसा काफी हद तक प्रतीकात्मक पद दिया जा सकता है. 2027 में उनका राजनीतिक करियर खत्म होगा या नहीं, यह अभी कहना मुश्किल है. लेकिन फिलहाल, वह शी के आसपास की व्यवस्था को लगातार चलाए रखे हुए हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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