(फाकिर हसन)
जोहानिसबर्ग, 29 नवंबर (भाषा) दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा है कि अमेरिका की अध्यक्षता के दौरान दक्षिण अफ्रीका को जी-20 में आमंत्रित नहीं किए जाने की उनके अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा “अफसोसजनक” है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में घोषणा की कि दक्षिण अफ्रीका को अगले वर्ष फ्लोरिडा में उनके देश की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका सदस्यता के लिए ‘‘योग्य’’ नहीं है।
अमेरिका ने दक्षिण अफ्रीका से जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण की है और वह एक दिसंबर, 2025 से 30 नवंबर, 2026 तक इस समूह का नेतृत्व करेगा।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘‘अमेरिका ने दक्षिण अफ्रीका में जी-20 में भाग नहीं लिया क्योंकि दक्षिण अफ्रीका सरकार अफ्रीकी लोगों और पुर्तगाली, फ्रांसीसी तथा जर्मन प्रवासियों के वंशजों द्वारा झेले गए भयावह मानवाधिकार हनन को स्वीकार करने या उस पर ध्यान देने से इनकार करती है।’’
दक्षिण अफ्रीका ने एक दिसंबर 2024 को जी20 की साल भर की अध्यक्षता संभाली थी। उसने 22 से 23 नवंबर तक जोहानिसबर्ग में इस समूह के नेताओं की मेजबानी की थी। पहली बार जी20 शिखर सम्मेलन अफ्रीका में आयोजित किया गया था।
परंपरा के अनुसार, मेजबान देश जी-20 की अगली अध्यक्षता संभालने वाले राष्ट्र को लकड़ी का एक प्रतीकात्मक हथौड़ा सौंपता है लेकिन बैठक के बहिष्कार के कारण दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से इसे लेने के लिए कोई अमेरिकी अधिकारी मौजूद नहीं था।
अमेरिका अपने दूतावास से एक प्रतिनिधि भेजना चाहता था। दक्षिण अफ्रीका ने इसे यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया था कि रामाफोसा के लिए एक कनिष्ठ अधिकारी को प्रतीक सौंपना अपमानजनक होगा।
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा, ‘‘यह अफसोसजनक है कि राष्ट्रपति रामाफोसा और उनके प्रशासन द्वारा अमेरिका के साथ राजनयिक संबंधों को पुनर्स्थापित करने के लिए किए गए तमाम प्रयासों के बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप दक्षिण अफ्रीका संबंधी भ्रामक सूचनाओं और विकृत तथ्यों के आधार पर हमारे देश के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाते रहे हैं।’’
उसने कहा कि चूंकि अमेरिका शिखर सम्मेलन में उपस्थित नहीं था इसलिए दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय संबंध और सहयोग विभाग के मुख्यालय में जी20 की अध्यक्षता से जुड़े दस्तावेज अमेरिकी दूतावास के एक अधिकारी को ‘‘विधिवत’’ सौंप दिए गए।
भाषा
सिम्मी सुरभि
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