कोलंबो, दो अप्रैल (भाषा) श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना की फ्रीडम पार्टी ने राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से देश में व्याप्त आर्थिक संकट से निपटने के लिए सर्वदलीय सरकार गठन का आह्वान किया है। पार्टी ने कहा कि यदि उसके आग्रह को नहीं माना गया तो वह गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले सकती है।
श्रीलंका वर्तमान में ऐतिहासिक आर्थिक संकट से जूझ रहा है और ईंधन, रसोई गैस तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। पार्टी महासचिव और मंत्री दयासिरि जयशेखरा ने कहा कि केंद्रीय समिति ने शुक्रवार को निर्णय लिया कि संसद में प्रतिनिधित्व वाले सभी दलों को शामिल कर सरकार के गठन को लेकर आग्रह किया जाए।
श्रीलंका पोदुजाना पेरमुना (एसएलपीपी) गठबंधन में द श्रीलंका फ्रीडम पार्टी (एसएलएफपी) के 14 सांसद हैं और यह सबसे बड़ा घटक दल है। सिरिसेना एसएलपीपी के अध्यक्ष हैं लेकिन मंत्री नहीं हैं।
जयशेखरा ने कहा, “हमने पार्टी के नेताओं से इस पर निर्णय लेने को कहा है कि अगर सरकार एक सर्वदलीय सरकार बनाने के अनुरोध को ठुकरा देती है तो एसएलएफपी को सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए या नहीं।” एसएलपीपी, 11 दलों का गठबंधन है और इस पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
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