(गुरदीप सिंह)
सिंगापुर, 29 जुलाई (भाषा) सिंगापुर आव्रजन विभाग के भारतीय मूल के एक अधिकारी ने छह भारतीय नागरिकों की प्रवास अवधि बढ़ाने के बदले उनका यौन उत्पीड़न करने का अपराध स्वीकार किया है।
‘द स्ट्रेट्स टाइम्स’ की खबर के अनुसार, सिंगापुर के आव्रजन एवं जांच प्राधिकरण (आईसीए) के निरीक्षक 55 वर्षीय कन्नन मोरिस राजगोपाल जयराम ने 2022 और 2023 के बीच यह अपराध किया।
अधिकारी ने सोमवार को यौन भ्रष्टाचार के तीन आरोपों में अपना गुनाह कबूल किया, जिनमें से प्रत्येक में एक भारतीय नागरिक शामिल था।
खबरों में कहा गया कि 25 से 30 वर्ष की आयु के तीन अन्य भारतीय पुरुषों से जुड़े तीन अन्य समान आरोपों पर उसे सजा सुनाए जाने के दौरान विचार किया जाएगा। सजा 18 अगस्त सुनाई जाएगी।
जयराम आईसीए निरीक्षक के तौर पर वीजा विस्तार अनुरोध पर कार्यवाही करने वाली टीम से जुड़ा था।
अदालती दस्तावेज़ों के अनुसार, हालांकि अधिकारियों ने आईसीए दिशानिर्देशों का पालन किया, फिर भी उनके पास व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर विस्तार देने या अस्वीकार करने का विवेकाधिकार था।
जयराम ने कथित तौर पर अपने पद का फायदा उठाकर कमजोर आवेदकों को निशाना बनाया, जिनमें 26 वर्षीय एक भारतीय व्यक्ति भी शामिल था। यह आवेदक पढ़ाई के लिए सिंगापुर में रहना चाहता था। जयराम ने यौन संबंधों के बदले में उसका वीज़ा विस्तार सुनिश्चित किया।
जयराम ने कथित तौर पर छह अन्य भारतीय नागरिकों के साथ भी इसी तरह की हरकतें कीं।
आईसीए के अनुसार, उस पर 2023 में आरोप लगाए गए थे और उस वर्ष अप्रैल में उसे निलंबित कर दिया गया था।
भाषा
राजकुमार नेत्रपाल
नेत्रपाल
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.