scorecardresearch
Wednesday, 26 November, 2025
होमविदेशडिजिटल युग में मुद्रित पुस्तकों को छोड़ देना चाहिए या वे पहले से कहीं ज्यादा मूल्यवान हो गई हैं?

डिजिटल युग में मुद्रित पुस्तकों को छोड़ देना चाहिए या वे पहले से कहीं ज्यादा मूल्यवान हो गई हैं?

Text Size:

(बेथ ड्रिस्कॉल, मेलबर्न विश्वविद्यालय)

मेलबर्न, 26 नवंबर (द कन्वरसेशन) ई-पुस्तकें दशकों से लोकप्रिय रही हैं और ऑडियोबुक्स भी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। लेकिन मुद्रित पुस्तकें अभी भी सबसे ज़्यादा लोकप्रिय हैं: पिछले क्रिसमस के बाद ऑस्ट्रेलियाई प्रकाशकों के एक सर्वेक्षण में बताया गया कि मुद्रित पुस्तकों की बिक्री में काफ़ी वृद्धि हुई (ई-पुस्तकें 4-18 प्रतिशत और ऑडियोबुक 5-15 प्रतिशत)। यह तब है जब किताबों के खत्म होने की लगातार चेतावनियां दी जाती रही हैं।

मुद्रित पुस्तकों के कुछ आलोचकों ने तो अपना सुर ही बदल लिया है। पुस्तकों के डिजिटलीकरण की मांग करते हुए पत्रकार जेफ जार्विस ने 2009 में अपनी एक किताब में लिखा था, ‘हमें मुद्रित किताबों से आगे बढ़ना होगा।’ लगभग 15 साल बाद, 2023 में उन्होंने अटलांटिक में लिखा, ‘मैं अपना रुख़ बदल रहा हूं।’

कुछ पाठकों को मुद्रित पुस्तकों के संवेदी गुण पसंद आते हैं: उनका स्पर्श और उनकी गंध। दूसरों को पुस्तकों का संग्रह इकट्ठा करने में संतुष्टि मिलती है। विनाइल रिकॉर्ड्स की तरह, जिनकी बिक्री भी अच्छी होती है, मुद्रित पुस्तकों को भी मूल्यवान वस्तुओं के रूप में संग्रहित किया जा सकता है। संग्रह, और व्यक्तिगत रूप से विशेष पुस्तकों की प्रशंसा की जा सकती है, उन्हें घरों में और सोशल मीडिया पर साझा और प्रदर्शित किया जा सकता है।

किताबें संस्कृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक हैं– और यह घरेलू, सुलभ जगहों तक पहुंचती हैं। इस साल की शुरुआत में, बुक्स एंड पब्लिशिंग ने पहले से प्रकाशित किताबों के ‘लक्ज़री’ विशेष संस्करणों में वृद्धि की सूचना दी थी। लेखिका और शिक्षाविद जोडी मैकएलिस्टर इन्हें ‘किताब की भौतिक वस्तु का रोमांटिकीकरण’ कहती हैं।

विशेष रूप से मुद्रित पुस्तकें इतिहास, ज्ञान और साझा कहानियों की वाहक होती हैं। यूक्रेन और गाजा में पुस्तकों और पुस्तकालयों के विनाश पर व्यापक भय हमारे सामूहिक ज्ञान को दर्शाता है कि वे स्वयं संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं।

सामुदायिक कहानियों का संरक्षण

एलेक्जेंड्रा डेन, सैंड्रा फिलिप्स और किम विल्किंस के साथ, मैंने 27 लेखकों का साक्षात्कार किया। उनमें से ज़्यादातर ई-बुक के बजाय एक भौतिक पुस्तक प्रकाशित करना चाहते थे। इन लेखकों के लिए, मुद्रित पुस्तक प्रकाशित करना महत्वपूर्ण था क्योंकि इससे एक ठोस रिकॉर्ड बनता है।

हमारे शोध से पता चला कि लोग सहज रूप से अपनी यादों और इतिहास को संजोने और अपने समुदायों के अन्य लोगों के साथ साझा करने के सर्वोत्तम तरीके के रूप में मुद्रित प्रारूप की ओर रुख करते हैं।

प्रिंट माध्यम से पुस्तकें समुदाय में स्पष्ट रूप से प्रसारित होती हैं। हमने जिन अन्य लेखकों का साक्षात्कार लिया, उनमें क्रिस्टीन एडम्स भी शामिल हैं, जिन्होंने ब्रोकन हिल के इतिहास से संबंधित कई पुस्तकें लिखी हैं और उनकी पुस्तकें ब्रोकन हिल अग्निशमन केंद्र और पर्यटक सूचना केंद्र सहित कई जगहों पर बिक चुकी हैं।

एडम्स अपनी पुस्तकों को सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय कहानियों के संरक्षण के रूप में देखती हैं, और हमें बताती हैं कि वह जो कुछ भी करती हैं, वह ‘शहर के प्रति प्रेम के लिए’ है।

हमारे प्रोजेक्ट के डीआईवाई पब्लिशिंग टूलकिट में उद्धृत कई लेखक भी यही बात कहते हैं। बर्डेकिन के एक लेखक, जॉर्ज वेनेबल्स ने अपने स्थानीय लेखकों के समूह के साथ एक संकलन प्रकाशित करने के बारे में हमसे बात की। उन्होंने हमें बताया, ‘लोग इसे अपनी कॉफ़ी टेबल पर रखकर कह सकते हैं, ओह, मुझे मिल गया!, उन्होंने मेरे लिए इस पर हस्ताक्षर किए हैं!’

युवा लेखकों के लिए एक मुद्रित पुस्तक बनाना सार्थक होता है। जेन वॉन, ब्रोकन हिल स्थित बिग स्काई स्टोरीज़ में एक पुस्तक विक्रेता हैं, जहां उन्होंने युवाओं के लिए कई कार्यशालाएं आयोजित की, जिसका समापन कहानियों के एक संकलन के प्रकाशन के साथ हुआ। जेन ने हमें बताया कि पुस्तक का विमोचन कितना सार्थक था: ‘….उनके पास वह पुस्तक थी, और वे घूम-घूम कर कह रहे थे, ‘यह मेरी है।’

इस वर्ष, इजराइली रक्षा बल द्वारा गाजा के पुस्तकालयों को निशाना बनाने पर रिपोर्टिंग करते हुए, पत्रकार शाहद अलनामी ने लिखा कि पुस्तकों के जलते हुए चित्र देखकर ‘ऐसा लगा जैसे आग मेरे ही दिल को जला रही हो।’

उन्होंने कहा: ‘गाज़ा के पुस्तकालयों पर हमले सिर्फ़ इमारतों को ही निशाना नहीं बना रहे हैं, बल्कि गाज़ा के मूल स्वरूप को भी निशाना बना रहे हैं। ये हमारे इतिहास को मिटाने और आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित होने और अपनी पहचान के प्रति जागरूक होने से रोकने के प्रयासों का हिस्सा हैं।’

अलनामी ने लिखा है कि गाज़ा पर हुए हमलों के पैमाने की ‘हृदय विदारक सच्चाई’ का एक हिस्सा यह है कि फलस्तीनियों को ईंधन के लिए कुछ बची हुई किताबों को जलाना पड़ा।

मई 2024 में, एक रूसी मिसाइल ने यूक्रेन के सबसे बड़े प्रिंटिंग हाउस को निशाना बनाया, जिसमें सात लोग मारे गए और 21 घायल हुए। इस हमले में 50,000 नयी प्रकाशित पुस्तकें भी नष्ट हो गईं। यह घटना आर्सेनल पुस्तक महोत्सव से ठीक एक हफ़्ते पहले हुई, जो कीव का एक लोकप्रिय आयोजन है। प्रदर्शन पर नयी प्रकाशित पुस्तकों के बीच पुस्तकों की जली हुई प्रतियां प्रदर्शित की गईं।

मुद्रित पुस्तकें हमें कुछ हद तक यह बता सकती हैं कि हम कौन हैं। मुद्रित पुस्तकें जलाई जा सकती हैं या गायब की जा सकती हैं। इन्हें समुदाय में साझा किया जा सकता है, पुस्तकालय में रखा जा सकता है, घर में संजोया जा सकता है या ऑनलाइन साझा किया जा सकता है। इन सभी संदर्भों में, मुद्रित पुस्तकें जीवंत वस्तुएं हैं, वे संस्कृति की अस्थिरता और उसके स्थायित्व की याद दिलाती हैं।

(द कन्वरसेशन) आशीष नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments