(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 27 नवंबर (भाषा) सिंध की प्रांतीय विधानसभा ने बृहस्पतिवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उस टिप्पणी की आलोचना की जिसमें उन्होंने पाकिस्तानी प्रांत के भारत का हिस्सा बनने की बात कही थी।
रविवार को नयी दिल्ली में सिंधी समुदाय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, सिंह ने कहा, ‘‘सीमाएं बदल सकती हैं और कल सिंध भारत में वापस आ सकता है।’’
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने सिंह के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे यथा स्थिति का बदलाव करने की मंशा वाला एक खतरनाक बयान बताया।
सिंध के आबकारी मंत्री मुकेश कुमार चावला द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया कि सिंध पाकिस्तान का ‘‘अविभाज्य और अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा।’’
इसमें कहा गया कि सदन ‘‘भारत के रक्षा मंत्री के बयान की स्पष्ट रूप से निंदा करता है, क्योंकि यह बयान भ्रामक, भड़काऊ और जानबूझकर इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने वाला है, जो राजनयिक मानदंडों और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।’’
प्रस्ताव में सरकार से ‘‘सिंधु नदी की रक्षा के लिए निर्णायक राजनयिक, कानूनी और बहुपक्षीय कार्रवाई करने, अंतरराष्ट्रीय संधियों के तहत पाकिस्तान के अधिकारों की रक्षा करने तथा जल, पर्यावरण या मानवीय मानदंडों के उल्लंघन के लिए भारत को जवाबदेह ठहराने’’ का भी आह्वान किया गया।
भाषा शफीक माधव
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