scorecardresearch
Tuesday, 14 July, 2026
होमविदेशUNSC की दावेदारी के बीच जयशंकर ने फिलिस्तीन के लिए नई मदद का ऐलान किया

UNSC की दावेदारी के बीच जयशंकर ने फिलिस्तीन के लिए नई मदद का ऐलान किया

भारत ने ब्रसेल्स में फिलिस्तीन डोनर ग्रुप की बैठक में भी हिस्सा लिया, जहां फिलिस्तीन अथॉरिटी के लिए 90 करोड़ यूरो के सहायता पैकेज का ऐलान किया गया.

Text Size:

नई दिल्ली: भारत ने सोमवार को फिलिस्तीन को नई मानवीय सहायता देने का ऐलान किया. इसी दिन विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अस्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी की शुरुआत भी की.

जयशंकर ने दुनिया की भलाई में भारत के योगदान का जिक्र करते हुए फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (UNRWA) के प्रति भारत के समर्थन को दोहराया. गज़ा पट्टी में हमास जैसे संगठनों से कथित संबंधों को लेकर अमेरिका और इज़रायल इस एजेंसी पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं.

जयशंकर ने कहा, “UNRWA भारत को उभरते हुए सबसे बड़े दानदाताओं में से एक मानता है. हमने कल ही ब्रसेल्स में फिलिस्तीन डोनर ग्रुप की बैठक में फिलिस्तीन के लिए एक स्पेशियलिटी अस्पताल, कृत्रिम अंग फिट करने का केंद्र और एक व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान बनाने का अतिरिक्त वादा किया है. यह दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) के प्रति हमारे लंबे समय से चले आ रहे समर्थन के अनुरूप है.”

UNRWA के प्रति लगातार समर्थन ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत को इजरायल सरकार का काफी करीबी माना जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल फरवरी में इज़रायल का दौरा किया था. इसके कुछ ही दिनों बाद तेल अवीव और वॉशिंगटन ने ईरान पर हमले किए थे.

दूसरे देशों की ओर से फंडिंग रोकने के बावजूद भारत हर साल UNRWA को 50 लाख डॉलर की मदद देता रहा है. पिछले महीने भारत ने इस 50 लाख डॉलर में से 25 लाख डॉलर UNRWA को जारी किए थे.

अमेरिका ने 2024 में UNRWA के लिए फंडिंग बंद कर दी थी. राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के प्रशासन ने भी इस फैसले को जारी रखा. गज़ा पट्टी और वेस्ट बैंक तक मानवीय सहायता पहुंचाने के नए तरीके तलाशने के लिए अमेरिका ने पिछले साल इजरायल और हमास के बीच युद्ध खत्म कराने वाले समझौते के तहत “बोर्ड ऑफ पीस” शुरू किया.

जयशंकर की यह टिप्पणी 2028-2029 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अस्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी शुरू करने के दौरान दिए गए उनके भाषण का हिस्सा थी. विदेश मंत्री ने वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय कानून, खासकर समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCLOS), के प्रति भारत के लगातार समर्थन का भी जिक्र किया.

भारत ने ईयू समर्थित फिलिस्तीन डोनर ग्रुप की बैठक में हिस्सा लिया

भारत ने सोमवार को ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ (ईयू) समर्थित फिलिस्तीन डोनर ग्रुप की बैठक में हिस्सा लिया. इस बैठक में फिलिस्तीन अथॉरिटी के लिए 90 करोड़ यूरो के फंडिंग पैकेज का ऐलान किया गया.

भारत कई वर्षों से फिलिस्तीन की मदद की अपनी नीति के तहत अलग-अलग डोनर ग्रुप और UNRWA का लगातार समर्थन करता रहा है. UNRWA संयुक्त राष्ट्र की मुख्य एजेंसी है, जो खास तौर पर गाजा पट्टी में मानवीय सहायता पहुंचाने का काम करती है.

विदेश मंत्रालय में सचिव (CPV & OIA) श्रीप्रिया रंगनाथन ने ब्रसेल्स में हुई इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने बेल्जियम की राजधानी में UNRWA की सलाहकार आयोग के नए अध्यक्ष से भी मुलाकात की.

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “बैठक में सचिव ने कहा कि भारत लंबे समय से फिलिस्तीनी लोगों का साझेदार रहा है. उन्होंने दो-राष्ट्र समाधान और संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन की सदस्यता के लिए भारत के लगातार समर्थन की भी पुष्टि की.”

बयान में आगे कहा गया, “उन्होंने बताया कि भारत इस समय फिलिस्तीन में स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और संस्थागत विकास से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है. साथ ही उन्होंने पुनर्वास, स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण से जुड़े कई नए प्रोजेक्ट्स का भी ऐलान किया.”

नई दिल्ली में फिलिस्तीन दूतावास ने पिछले महीने भारत सरकार से उसके स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए और ज्यादा मदद देने की अपील की थी. दूतावास ने कहा था कि अक्टूबर 2023 से 950 से ज्यादा दिन बीत जाने के बाद गाजा पट्टी की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: होर्मुज़ हमला: टैंकरों पर मिसाइल हमले में नाविक की मौत, भारत ने ईरान के टॉप डिप्लोमैट को किया तलब


 

share & View comments