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Monday, 20 April, 2026
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रक्षा उपकरणों एवं उर्वरक के लिए रूस पर भारत की निर्भरता बहुत अधिक है: शीर्ष अमेरिकी राजनयिक

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(ललित के झा)

वाशिंगटन, आठ अप्रैल (भाषा) अगले सप्ताह होने वाली टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय बैठक से पूर्व एक शीर्ष अमेरिकी राजनयिक ने कहा है कि उर्वरकों जैसी कुछ अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति के साथ बड़े रक्षा उपकरणों के लिए रूस पर भारत की निर्भरता बहुत अधिक है।

अमेरिका की विदेश उपमंत्री विंडी शर्मन ने प्रतिनिधि सभा की विदेश विषयक समिति के सामने रूस पर भारत के रूख तथा यूक्रेन के मु₨द्दे पर संयुक्त राष्ट्र में (मतदान के दौरान) उसकी बार-बार गैरहाजिरी के बारे में पूरी स्थिति विस्तार से रखी।

शर्मन ने समिति के अध्यक्ष ग्रेगरी मीक्स के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा, ‘‘मैं आपसे सहमत हूं, मैं उसे संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव के पक्ष में राजी करता। और हमने जितना हो सकता है, उससे सीधी बात की है। विदेश मंत्री (एंटनी) ब्लिंकन नियमित आधार पर विदेश मंत्री एस जयशंकर से बातचीत करते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी चिंताए बड़ी साफगोई से रख रहे हैं लेकिन भारत का रूस के साथ संबंध का एक इतिहास है। उसके ज्यादातर रक्षा उपकरण मूल रूप से रूस से थे। वह उर्वरक के लिए रूस पर निर्भर करता है, जो उसके कृषि विकास के लिए अहम है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह कहना ठीक नहीं है कि उसने जो चुनाव किया, उससे हम खुश हैं। हमने उनसे कहा कि पाबंदियों के चलते वह रूसी उपकरण हासिल नहीं कर पायेंगे। वह अपने उपकरण या हथियारों की मरम्मत नहीं करवा पायेंगे।’’

शर्मन ने सांसदों से कहा कि अमेरिका ने भारत के साथ मजबूत रक्षा संबंध बनाया है, जो अमेरिकी रक्षा समुदाय, उसकी रक्षा बिक्री एवं भारत के साथ संयुक्त सहयोग के लिए अहम है।

भाषा

राजकुमार सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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