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Sunday, 1 February, 2026
होमविदेशभारतीय मूल के टैक्सी चालक को मां के गहने और यात्रियों की रोलेक्स घड़ियां चुराने के आरोप में जेल

भारतीय मूल के टैक्सी चालक को मां के गहने और यात्रियों की रोलेक्स घड़ियां चुराने के आरोप में जेल

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(गुरदीप सिंह)

सिंगापुर, 30 जुलाई (भाषा) भारतीय मूल के सिंगापुर निवासी टैक्सी चालक द्वारा अपनी मां के गहने चोरी करने समेत चार मामलों में अपराध स्वीकार करने के बाद एक वर्ष पांच महीने की जेल की सजा सुनाई गई है।

द स्ट्रेट्स टाइम्स की खबर के अनुसार वित्तीय संकट से जूझ रहे 48 वर्षीय माइकल राज ने अलग-अलग मौकों पर तीन सो रहे यात्रियों से दो लाख सिंगापुर डॉलर से अधिक मूल्य की तीन रोलेक्स घड़ियां चुरा लीं और उन्हें बेच दिया।

उसने अपराध को मई-जून 2021 से अंजाम देना शुरू किया जब अपनी मां के आभूषण चुराये।

उप लोक अभियोजक तान शि युन ने अदालत को बताया, ‘‘यह सामान को खुले में छोड़ देने का पीड़ित की लापरवाही का मामला नहीं है।’’

“पीड़ित का कीमती सामान अलमारी के एक दराज में बंद था और उसकी चाबी उसी अलमारी की अन्य दराज में रखी थी।’’

माइकल ने अपनी मां की सहमति के बिना विभिन्न दुकानों पर कीमती सामान गिरवी रख दिया और अपना कर्ज चुकाया।

पांच जुलाई 2021 को उनकी मां को पता चला कि उनके कई आभूषण गायब हैं।

दो दिन बाद उन्होंने बेटे से इस संबंध में बात की और फिर पुलिस को मामले की सूचना दी।

दो सितंबर, 2022 को उसने आर्चिड टावर शापिंग मॉल से सुबह पांच बजे नशे में धुत एक यात्री को टैक्सी में बैठाया। जब वह गंतव्य स्थल पहुंचा तब यात्री सोया हुआ था। माइकल ने उस वक्त यात्री के हाथ से 45 हजार सिंगापुर डॉलर मूल्य की रोलेक्स घड़ी उतार ली।

अगले महीने उसने एक 44 वर्षीय पुरुष यात्री से 67,300 डॉलर की दूसरी रोलेक्स घड़ी चुरा ली थी।

यात्रियों ने पुलिस को सूचना दी थी।

अदालत को बताया गया कि उनकी घड़ियां बरामद नहीं हुईं और माइकल ने दोनों पीड़ितों को कोई मुआवजा नहीं दिया।

उसने 15 जून 2023 को तीसरी रोलेक्स घड़ी चुराई। उसकी टैक्सी में सवार हुए 30 वर्षीय व्यक्ति की इस घड़ी की कीमत 88 हजार सिंगापुर डॉलर थी।

उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई तो घड़ी बरामद कर पीड़ित को लौटाई गई।

30 जुलाई को बचाव पक्ष के वकील वी होंग शेर्न ने अदालत से माइकल को एक वर्ष और तीन महीने की जेल की सजा देने का आग्रह किया।

वी ने आगे कहा ‘‘वह ईमानदारी से एक नया जीवन शुरू करना चाहता है। वह अपनी सजा काटेगा और उसके बाद काम करने और अपनी पत्नी और बेटी के साथ खोए हुए समय की भरपाई करने के लिए खुद को समर्पित करेगा।’’

भाषा

यासिर पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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