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कोलंबो, 29 नवंबर (भाषा) भारतीय वायु सेना ने श्रीलंका में विनाशकारी बाढ़ से विस्थापित लोगों की सहायता के लिए शनिवार को 21 टन राहत सामग्री, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के 80 से अधिक कर्मियों एवं आठ टन उपकरण पहुंचाए।
भारतीय वायु सेना ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘श्रीलंका में चक्रवाती तूफान ‘डिटवा’ के कारण मची तबाही के मद्देनजर भारत ने राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया।’’
भारतीय वायु सेना ने कहा कि शुक्रवार और शनिवार की मध्यरात्रि को हिंडन एयर बेस से तुरंत एक सी-130 और एक आईएल-76 विमान तैनात किए गए जिनके माध्यम से 21 टन राहत सामग्री, 80 से अधिक एनडीआरएफ कर्मी और आठ टन उपकरण विमान के जरिए पहुंचाए गए। आवश्यक राशन और महत्वपूर्ण आपूर्ति प्रभावित समुदायों के समर्थन के लिए पहुंचाई गई। प्रभावित समुदायों की मदद के लिए जरूरी राशन और आवश्यक सामग्री पहुंचाई गई है।
वायु सेना ने कहा, ‘‘पड़ोसी प्रथम की भावना को दोहराते हुए भारत जरूरत के इस समय में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है।’’
जरूरी खाद्य सामग्री और स्वच्छता से जुड़ी आपूर्ति लेकर गया सी130 विमान शुक्रवार को देर रात लगभग डेढ़ बजे कोलंबो के भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचा, जहां भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों और श्रीलंका वायु सेना के अधिकारियों ने विमान की अगवानी की।
मुश्किल की इस घड़ी में श्रीलंका की मदद के लिए भारत ने शुक्रवार को ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया और राहत सामग्री की पहली खेप भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि से श्रीलंका पहुंचाई गई।
इस बीच, आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) ने बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित श्रीलंका में शनिवार सुबह नौ बजे तक 123 लोगों की मौत की पुष्टि की, जबकि कम से कम 130 लोग लापता हैं।
डीएमसी ने बताया कि इसके अलावा आपदा से 61,000 परिवारों के 2,00,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
‘सेंट्रल प्रोविंस’ के कैंडी में राहत अधिकारियों ने कहा कि मृतकों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि कैंडी जिले में ही शुक्रवार देर रात तक मृतकों की संख्या 50 से अधिक पहुंच चुकी थी और आधिकारिक तौर पर अब तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
मध्य पर्वतीय क्षेत्र का बैडुल्ला जिला भी भूस्खलन से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है, जहां कई लोग लापता हैं और 35 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
चक्रवाती तूफान ‘डिटवा’ से मची तबाही के कारण श्रीलंका अप्रत्याशित आपदा का सामना कर रहा है। इसके कारण बाढ़ आई एवं भूस्खलन हुए और बुनियादी ढांचा को व्यापक नुकसान पहुंचा।
चक्रवात ‘डिटवा’ की वजह से हुई बारिश के कारण सभी बड़े तालाबों एवं नदियों में जलस्तर बढ़ गया है और अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी देते हुए सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा है।
मौसम ब्यूरो ने कहा कि 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने की संभावना है, हालांकि ‘डिटवा’ शनिवार देर रात तक द्वीप से बाहर चला जाएगा।
श्रीलंका के करीब 35 प्रतिशत इलाकों में शुक्रवार सुबह से ही बिजली नहीं है जिससे सरकारी बिजली कंपनी सीलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के करीब 70 लाख उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं।
लगातार बारिश और बाढ़ की वजह से बिजली बहाल करने के काम में रुकावट आ रही है।
भाषा सुरभि रंजन
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