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Tuesday, 23 July, 2024
होमविदेश'हमें जीना है, हम कई बार मौत से बचे, हमें दवा-खाना चाहिए,' युद्ध के बीच गाजा के बच्चों की दुनिया से अपील

‘हमें जीना है, हम कई बार मौत से बचे, हमें दवा-खाना चाहिए,’ युद्ध के बीच गाजा के बच्चों की दुनिया से अपील

इज़रायल-हमास युद्ध के बीच मंगलवार रात गाजा में बच्चों के एक ग्रुप ने अल-शिफ़ा अस्पताल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और दुनिया से शांति की मांग की.

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नई दिल्ली: “हम जीना चाहते हैं. हमें शांति चाहिए. हम चाहते हैं कि उन लोगों को सजा मिले जो बच्चों को मार रहे हैं. हमें खाना, पानी, दवाई और शिक्षा चाहिए.”

इज़रायल-हमास युद्ध के बीच मंगलवार रात गाजा में बच्चों के एक ग्रुप ने अल-शिफ़ा अस्पताल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि उन्हें इस युद्ध के कारण क्या क्या सहना पड़ रहा है.

अल-शिफ़ा अस्पताल में कुछ अनाथ बच्चे रह रहे हैं तो कुछ के मां-बाप का इलाज चल रहा है तो कुछ बच्चे युद्ध का शिकार हुए हैं या फिर विस्थापित शरणार्थी हैं जो इज़रायली बमबारी से बचने के लिए अस्पताल लाए गए हैं.

सोशल मीडिया पर इन बच्चों की एक प्रेस कांफ्रेंस वायरल हो रही है जिसमें कोई 12-15 साल का बच्चा हाथ में एक कागज़ पकड़े मीडिया को संबोधित कर रहा है. उसके इर्द-गिर्द कई और बच्चे और लोग भी नजर आ रहे हैं. बच्चा कहता है, “7 अक्टूबर के बाद से हम पूरी दुनिया के सामने नरसंहार, हत्या, विस्थापन देख रहे हैं.”

वह आगे कहता है चारों तरफ सिर्फ विनाश का नजारा ही दिखाई दे रहा है. हमने अपनी आंखो के सामने चल रही बमबारी को लगातार देखा है.”

हममें से कई ने अपने पूरे घर को खो दिया है…मां पिता को खो दिया है..अपने छोटे भाई बहन को खो दिया है.

बच्चा कहता है, “बार-बार हो रही बमबारी से बचने के लिए एक सुरक्षित जगह की तलाश में हमने अल-शिफ़ा अस्पताल को अपना ठिकाना बनाया है. लेकिन जब अल-शिफ़ा अस्पताल पर भी कब्ज़ा किया गया और यहां भी हमले हुए, तो लगता है कि हम यहां भी सुरक्षित नहीं हैं.”

बच्चों पर हो रहे युद्ध के असर के बारे में बात करते हुए उसने आगे कहा, “वे दुनिया से झूठ बोल रहे हैं, वे केवल प्रतिरोध सेनानियों को निशाना बना रहे हैं, लेकिन बच्चों के रूप में, हम एक से ज्यादा बार मौत से बचने और भागने की कोशिश की है. हम एक से ज्यादा बार मौत से बचके भागे हैं.”

गाजा बच्चों के लिए कब्रिस्तान बनता जा रहा है

बता दें कि इसी बीच सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि गाजा “बच्चों के लिए कब्रिस्तान बनता जा रहा है.”

गुटेरेस ने न्यूयॉर्क में मीडिया से बात करते हुए कहा, “गाजा में मानवीय संकट अब कल्पना से कहीं अधिक बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि युद्धविराम की आवश्यकता, “हर गुजरते घंटे के साथ और अधिक जरूरी होती जा रही है.”

कांफ्रेंस में आगे बोलते हुए बच्चे ने कहा, “हमें यहां पर भूखा-प्यासा रखा जा रहा है. कई दिनों से हमारे पास न पानी है, न खाना. हमें मजबूरन गंदा पानी पीना पड़ रहा हैं.”

गाजा के अल-शिफ़ा अस्पताल में प्रेस कांफ्रेंस करते बच्चें | इंस्टाग्राम, स्क्रीनग्रैब

सीएनएन ने रामल्लाह में फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्री माई अल-कैला के हवाले से कहा कि 7 अक्टूबर से गाजा पर इज़रायली हवाई हमलों में 9,700 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिन्होंने हमास-नियंत्रित एन्क्लेव में चिकित्सा स्रोतों से प्राप्त डेटा का उपयोग किया था.

अल-कैला ने कहा कि इस आंकड़े में 4,800 बच्चे शामिल हैं. यह आंकड़े तब सामने आए जब अमेरिका के विशेष दूत डेविड सैटरफील्ड ने शनिवार को कहा कि गाजा पट्टी के उत्तर से दक्षिणी हिस्सों में 8 से दस लाख लोग भाग गए हैं, जिससे मानवीय संकट गहरा गया है.

दुनिया से मदद और शांति की अपील करते हुए बच्चों ने कहा, “आज हम सभी बच्चे आपके सामने हमारी सुरक्षा के आग्रह करने के लिए आए है. लगातार हो रही मौत को रोका जाए. हम शांति चाहते हैं. हम हत्यारों के लिए मुक़दमा चाहते हैं. हमें दवा चाहिए. हमें खाना चाहिए. हम शिक्षा चाहते हैं. हम जीवन चाहते हैं.”

इज़रायल-हमास युद्ध को एक महीना पूरा हो चुका है. बता दें कि इज़रायल ने 10 अक्टूबर, 2023 से गाजा के 23 लाख निवासियों को भोजन, ईंधन और अन्य आपूर्ति की अनुमति देना बंद कर दिया था.

7 अक्टूबर को इज़रायली कस्बों और कई सैन्य ठिकानों पर हमास के अचानक हमले के बाद से इज़रायल और हमास के बीच लगातार हमले और बमबारी जारी है.


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