(अविरूप बिस्वास, टोरंटो विश्वविद्यालय)
टोरंटो, 10 अक्टूबर (द कन्वरसेशन) हम सभी शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के फायदों के बारे में जानते हैं। यह न केवल पुरानी बीमारियों और शारीरिक चोटों के जोखिम को कम करने में, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर उत्पादकता में सुधार लाने में भी मददगार है। लेकिन बहुत से लोग शारीरिक रूप से उतने सक्रिय नहीं होते, जितना उन्हें होना चाहिए।
शारीरिक सक्रियता को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशा-निर्देश वयस्कों को हर हफ्ते 150 से 300 मिनट तक मध्यम तीव्रता वाली एरोबिक गतिविधियां करने की सलाह देते हैं। वहीं, अगर वयस्क तीव्र शारीरिक गतिविधियां चुनते हैं, तो यह अवधि 75 से 150 मिनट तक हो जाती है।
बहुत से लोग कार्यस्थल पर जितना समय बिताते हैं, उसे देखते हुए कार्यालय में रहने और/या काम पर आने-जाने के दौरान अधिक शारीरिक गतिविधियां करने से कामकाजी लोगों के लिए ये लक्ष्य अधिक व्यवहार्य हो सकते हैं।
——नियोक्ताओं के लिए साक्ष्य-आधारित रणनीतियां——
स्वतंत्र गैर-लाभकारी शोध संस्थान ‘इंस्टीट्यूट फॉर वर्क एंड हेल्थ’ (आईडब्ल्यूएच) के सहकर्मियों के साथ किए गए मेरे शोध से पता चलता है कि नियोक्ता स्वस्थ जीवनशैली के इस पहलू को प्रोत्साहित करने में कई तरह से भूमिका निभा सकते हैं। छोटे-छोटे बदलाव, जैसे कर्मचारियों को ज्यादा चलने-फिरने के लिए प्रोत्साहित करना, भी दिल की सेहत के लिहाज से सार्थक लाभ प्रदान कर सकते हैं।
व्यवस्थित कार्यक्रमों के संचालन से लेकर चलने-फिरने के लिए जगह उपलब्ध कराना और शारीरिक गतिविधियों के विविध विकल्प पेश करना कई कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायी हो सकता है।
यहां तक कि ऐसा वातावरण तैयार करना, जो कर्मचारियों को थोड़े समय के लिए काम से मानसिक रूप से अलग होने में मदद करे, उनके लिए स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी इस आदत को अपनाना आसान बना सकता है।
आईडब्ल्यूएच के शोध दर्शाते हैं कि नियोक्ता कर्मचारियों के बीच शारीरिक सक्रियता को सफलतापूर्वक बढ़ावा देने के लिए इन रणनीतियों को अपना सकते हैं :
1. पूरे दिन शारीरिक गतिविधि को बढ़ावा देना
नियोक्ता कर्मचारियों को काम पर आने से पहले जिम जाने या दोपहर के भोजन के समय दौड़ने को अपने कार्यदिवस का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।
इस संदेश को पुष्ट करने के लिए, हमारा शोध दर्शाता है कि कार्यस्थल कई तरह के कार्यक्रम और सुविधाएं प्रदान कर सकते हैं। इनमें टहलने, जॉगिंग या साइकिल चलाने के लिए एक सुगम जगह तक पहुंच; बॉल गेम या अन्य खेलों के लिए मैदान या खुली जगह तक पहुंच; पास में एक जिम या फिटनेस सेंटर; संगठित फिटनेस कक्षाएं; संगठित मनोरंजक खेल टीम; स्नानघर और/या चेंज रूम; और स्वास्थ्य, फिटनेस या पोषण में सुधार से संबंधित कार्यक्रम शामिल हैं।
लगभग 60,000 लोगों (कनाडाई आबादी के प्रतिनिधि के रूप में चुना गया एक नमूना) के आंकड़ों पर आधारित हमारे शोध में, जिन लोगों ने कहा कि उनके कार्यस्थलों में ऊपर सूचीबद्ध सभी कार्यक्रम और सुविधाएं उपलब्ध थीं, उनके सक्रिय होने की संभावना उन लोगों की तुलना में दोगुनी थी, जिन्हें कोई सुविधा नहीं दी गई थी। ऐसे लोगों के मध्यम रूप से सक्रिय होने की संभावना भी 1.5 गुना अधिक थी।
2. इस बात पर जोर देना कि हर गतिविधि मायने रखती है
कार्यस्थल पर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के पक्षधर जानते हैं कि कुछ कर्मचारी पहले से ही व्यायाम के प्रति समर्पित होते हैं, जिन्हें समझाने की जरूरत नहीं होती। लेकिन 8,000 से ज्यादा लोगों पर किए गए एक अन्य अध्ययन में, जो इस बात पर केंद्रित था कि कर्मचारी दिन भर वास्तव में कितना चलते-फिरते हैं, हमने पाया कि व्यायाम के प्रति उत्साही लोगों की संख्या हर 10 में से महज एक थी।
3. स्वास्थ्य के पैरोकार कर्मचारियों का इस्तेमाल
हमारे शोध से पता चलता है कि कार्यस्थल पर स्वास्थ्य के समर्थक शक्तिशाली प्रेरक हो सकते हैं। ये औपचारिक रूप से नामित समर्थक हो सकते हैं, जैसे स्वास्थ्य प्रमुख या मानव संसाधन कर्मचारी, लेकिन ये अनौपचारिक समर्थक भी हो सकते हैं-ऐसे व्यक्ति जो वास्तव में और सहज रूप से स्वस्थ जीवन के प्रति समर्पित हों।
संक्षेप में, जबकि सभी इस बात पर सहमत होंगे कि अधिक शारीरिक सक्रियता स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, नियोक्ताओं को इस बात पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है कि कार्यभार, कार्य लचीलापन, पर्यवेक्षक का समर्थन और अन्य मनोसामाजिक कारक उनके कर्मचारियों के बीच शारीरिक रूप से सक्रिय जीवनशैली को प्रेरित या हतोत्साहित करने में किस प्रकार योगदान करते हैं।
शारीरिक सक्रियता के फायदे किसी से छिपे नहीं हैं। सक्रिय कर्मचारियों को गंभीर बीमारियां होने की आशंका कम होती है, वे तनाव से निपटने में ज्यादा सक्षम होते हैं और अपने काम में अधिक व्यस्त रहते हैं। इसका नतीजा कम छुट्टी, बेहतर प्रदर्शन और नौकरी से ज्यादा संतुष्टि के रूप में सामने आता है। कर्मचारियों के लिए दिन में चलते-फिरते रहना आसान बनाकर, नियोक्ता स्वस्थ कार्यबल का समर्थन कर सकते हैं।
(द कन्वरसेशन) आशीष पारुल
पारुल
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