कोलंबो, 29 नवंबर (भाषा) चक्रवात ‘दित्वा’ शनिवार को श्रीलंका से निकलकर दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में प्रवेश कर गया है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
श्रीलंका से आगे बढ़ चुके चक्रवात ने अपने पीछे तबाही के निशान छोड़े हैं, जिसके कारण देश में 120 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और बुनियादी ढांचा को भी नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग के महानिदेशक अथुला करुणानायके ने पत्रकारों को बताया, ‘‘हमने पाया है कि ‘दित्वा’ श्रीलंका से निकलकर भारतीय तट की ओर बढ़ रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव कुछ समय तक बना रहेगा।’’
आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) के अनुसार, सुबह नौ बजे तक मरने वालों की आधिकारिक संख्या 123 थी, जबकि 130 लोग अब भी लापता हैं।
यह संख्या और भी ज्यादा बढ़ने की आशंका है क्योंकि खराब मौसम की वजह से बुरी तरह प्रभावित इलाकों में संचार बाधित हो गया है, जिससे आपदा के असर के आकलन में दिक्कत आ रही है।
‘सेंट्रल प्रोविंस’ में बैडुल्ला के मुख्य जिला प्रशासक प्रभात अबेवरदेना ने कहा कि जिले में अब तक 49 लोगों की मौत हुई है और 41 लोगों के लापता होने की पुष्टि हो चुकी है।
उन्होंने कहा, ‘‘कई इलाके अब भी पहुंच से बाहर हैं और वहां संपर्क स्थापित करने में दिक्कतें आ रही हैं।’’
‘सेंट्रल प्रोविंस’ के नुवारा एलिया की मुख्य प्रशासक तुषारी तेनाकून ने कहा कि बृहस्पतिवार से जिले के अधिकतर इलाकों से कोई जानकारी नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि जिले में 50 से अधिक लोग मारे गए हैं।
श्रीलंका की सेना ने कहा कि उत्तर पश्चिम प्रांत के कलाओया इलाके में एक बस में फंसे करीब 68 लोगों को नौसेना ने शनिवार सुबह कई घंटों तक चले एक अभियान में बचाया।
भारत ने चक्रवात ‘दित्वा’ के बाद संकट से घिरे श्रीलंका की मदद के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया है।
भाषा सुरभि रंजन
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