कराची, 13 अगस्त (भाषा) पाकिस्तान की एक अदालत ने कराची के एक अस्पताल में एचआईवी फैलने की घटना की बृहस्पतिवार को स्वतंत्र जांच का आदेश दिया।
इस घटना में छह बच्चों की मौत हो गई थी और 94 अन्य लोग वायरस से संक्रमित हो गए थे।
इस संक्रमण का सबसे पहले पिछले साल नवंबर में पता चला था, जिसके बाद सरकारी स्वास्थ्य विभाग ने कराची के औद्योगिक क्षेत्र में ‘सिंध एम्प्लॉइज सोशल सिक्योरिटी इंस्टीट्यूशन’ द्वारा संचालित ‘कुलसुम बाई वालिका अस्पताल’ एवं उसके आस-पास के इलाकों में स्वास्थ्य परीक्षण किया।
परीक्षण में अस्पताल में छह बच्चों की मौतों और 94 बच्चों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई, जबकि अस्पताल के आस-पास के इलाकों में 120 और लोग संक्रमित पाए गए।
मई में सिंध उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर वकील तारिक मंसूर ने दावा किया कि संक्रमित बच्चों की कुल संख्या करीब 200 थी।
बृहस्पतिवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अदनानुल करीम मेमन और न्यायमूर्ति मुहम्मद जाफर रजा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने प्रांत के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वह अस्पताल में बच्चों में एचआईवी फैलने की घटना की ‘स्वतंत्र, निष्पक्ष और व्यापक’ जांच के लिए एक समिति का गठन करें और उसकी अध्यक्षता करें।
अदालत ने प्रभावित बच्चों के लिए आजीवन चिकित्सा उपचार और उचित मुआवजे का भी आदेश दिया।
भाषा राजकुमार नरेश
नरेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.