नई दिल्ली: माइक कार्नी सरकार के तहत सख्त हुई इमिग्रेशन नीतियों के बीच, कनाडा ने फीफा वर्ल्ड कप के लिए भारत से आए विजिटर वीजा आवेदनों में से 30 प्रतिशत से भी कम को मंजूरी दी. बड़ी संख्या में आवेदन आने के बावजूद भारत उन देशों में शामिल रहा, जिनकी मंजूरी दर सबसे कम रही. वर्ल्ड कप की मेजबानी कनाडा, अमेरिका और मैक्सिको मिलकर कर रहे हैं. कनाडा टोरंटो और वैंकूवर में कुल 13 मैचों की मेजबानी कर रहा है.
इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज़ एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) के जारी आंकड़ों के अनुसार, 14 नवंबर 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच 160 से अधिक देशों और क्षेत्रों से आए करीब 17,000 वर्ल्ड कप से जुड़े विजिटर वीजा आवेदनों पर कार्रवाई की गई.
कुल मिलाकर 41 प्रतिशत आवेदनों को मंजूरी मिली.
भारत वीजा मंजूरी की सूची में चौथे स्थान पर रहा, जहां कुल आवेदनों में से केवल 30 प्रतिशत को मंजूरी मिली.
ये कदम ऐसे समय में उठाए गए हैं जब कनाडा सरकार सख्त इमिग्रेशन नीति अपना रही है और सार्वजनिक सेवाओं व बढ़ती महंगाई के दबाव के बीच दशकों पुराने वीजा नियमों को बदल रही है. 2025 में कनाडा सरकार ने इमिग्रेशन कम करने के लिए बड़े बदलावों की घोषणा की थी, क्योंकि आबादी में 3.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. यह 1957 के बाद सबसे तेज वार्षिक वृद्धि थी.
स्टैटिस्टिक्स कनाडा के अनुसार, इस बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा अस्थायी विदेशी कामगारों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों की वजह से था. सरकार का कहना है कि यदि अस्थायी निवासी न होते, तो आबादी में वृद्धि लगभग एक-तिहाई ही रहती.
ओटावा ने अब 2027 के अंत तक गैर-स्थायी निवासियों की हिस्सेदारी को कनाडा की कुल आबादी के 5 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य तय किया है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कार्नी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों से जुड़े नियम सख्त किए, अस्थायी कामगार कार्यक्रमों में कटौती की और स्थायी इमिग्रेशन के लक्ष्यों को भी घटा दिया.
नीतिगत बदलाव की शुरुआत 2024 के अंत में हुई, जब सरकार ने स्थायी निवासियों की संख्या घटाने की घोषणा की. काउंसिल फॉर फॉरेन रिलेशंस की एक रिपोर्ट के अनुसार, नए स्थायी निवासियों में सबसे बड़ा हिस्सा भारत का था, इसके बाद फिलीपींस, चीन, कैमरून और नाइजीरिया का स्थान था.
वर्ल्ड कप से पहले घाना से सबसे ज्यादा 1,725 विजिटर वीजा आवेदन आए. ये आवेदन 17 जून को टोरंटो में पनामा के खिलाफ होने वाले ग्रुप मुकाबले को देखने के इच्छुक प्रशंसकों ने दिए थे. इनमें से 11 प्रतिशत से भी कम को मंजूरी मिली.
कोलंबिया दूसरे स्थान पर रहा, जहां से 1,630 आवेदन आए, जबकि उसका कोई भी ग्रुप मैच कनाडा में नहीं है. कोलंबिया के लगभग 70 प्रतिशत आवेदकों को वीजा मिल गया.
पाकिस्तान से तीसरी सबसे बड़ी संख्या में आवेदन आए, जो लगभग 1,250 थे. इनमें से 9 प्रतिशत से भी कम को मंजूरी मिली और केवल 102 वीजा जारी किए गए.
IRCC ने कहा कि वह फीफा और संघीय एजेंसियों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आसान बनाने पर काम कर रहा है, साथ ही सीमा सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रहा है. ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, क्रोएशिया और न्यूजीलैंड जैसे उन देशों के नागरिक, जो कनाडा की इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (eTA) प्रणाली के पात्र हैं, उन्हें लगभग 96 प्रतिशत मंजूरी मिली. इसके विपरीत, जिन देशों के नागरिकों को टेम्पररी रेजिडेंट वीजा की जरूरत होती है, उनकी मंजूरी दर केवल 32 प्रतिशत रही.
सीरिया, युगांडा और श्रीलंका जैसे कुछ देशों के वर्ल्ड कप से जुड़े सभी रिपोर्ट किए गए विजिटर वीजा आवेदन इस अवधि में खारिज कर दिए गए.
कनाडा जाने वाले यात्रियों को या तो “टेम्पररी रेजिडेंट वीजा” (TRV) या “इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन” (eTA) की जरूरत होती है. eTA पाने के लिए आमतौर पर एक छोटा ऑनलाइन आवेदन करना होता है, जबकि विजिटर वीजा आवेदकों को यात्रा कार्यक्रम और आर्थिक क्षमता के प्रमाण जैसे अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं.
सरकार ने कहा है कि ये आंकड़े संभावित अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के केवल एक हिस्से को दर्शाते हैं. कई यात्री पहले से जारी वीजा या यात्रा अनुमति का उपयोग करके कनाडा पहुंचे, जबकि अमेरिकी नागरिकों को कनाडा में प्रवेश के लिए वीजा या eTA की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए उन्हें इस विश्लेषण में शामिल नहीं किया गया. गोपनीयता की रक्षा के लिए पांच से कम आवेदनों वाले आंकड़ों को हटाया गया और सभी संख्याओं को निकटतम पांच के गुणांक तक गोल किया गया.
इस साल की शुरुआत में कनाडाई इमिग्रेशन अधिकारियों ने टूर्नामेंट से जुड़ी ऑनलाइन फैल रही गलत जानकारी का भी खंडन किया था.
जनवरी में IRCC ने चेतावनी दी थी कि ऐसा कोई विशेष “फीफा वीजा” नहीं है, जो किसी व्यक्ति को कनाडा में काम करने या बसने का अधिकार दे. यह बयान सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के बाद जारी किया गया, जिनमें झूठा दावा किया जा रहा था कि वर्ल्ड कप यात्रा दस्तावेज हासिल करने से रोजगार या स्थायी निवास का रास्ता खुल सकता है.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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