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Thursday, 25 June, 2026
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बांग्लादेशियों को फिर मिलेगा भारतीय टूरिस्ट वीजा, उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी को मिली कैबिनेट रैंक

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को अपना परिचय-पत्र सौंपने के बाद दिनेश त्रिवेदी सीधे इंडियन वीजा एप्लीकेशन सेंटर (IVAC) पहुंचे और यह घोषणा की.

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नई दिल्ली: भारत ने गुरुवार को घोषणा की कि वह बांग्लादेशी नागरिकों के लिए फिर से टूरिस्ट वीजा जारी करना शुरू कर रहा है. यह घोषणा उस दिन हुई जब ढाका में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शाहबुद्दीन को अपना परिचय-पत्र (क्रेडेंशियल्स) सौंपा. साथ ही, दिनेश त्रिवेदी को औपचारिक कार्यक्रमों में वरीयता क्रम (टेबल ऑफ प्रीसिडेंस) में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के बराबर दर्जा भी दिया गया है.

इंडियन वीजा एप्लीकेशन सेंटर (IVAC) में बोलते हुए त्रिवेदी ने कहा, “मैं माननीय राष्ट्रपति से मुलाकात करके सीधे IVAC आया हूं. मुझे यह घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि हम टूरिस्ट वीजा के लिए सामान्य आवेदन प्रक्रिया फिर से शुरू कर रहे हैं. इसके लिए आवेदन 28 जून 2026 से किए जा सकेंगे.”

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिनेश त्रिवेदी को इस वर्ष की शुरुआत में बांग्लादेश में भारत का उच्चायुक्त नियुक्त किया गया था और वह इसी महीने वहां पहुंचे हैं.

वीजा जारी करने की सामान्य प्रक्रिया बहाल करने का यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब दोनों देश आपसी संबंधों को बेहतर बनाने के प्रयास कर रहे हैं.

अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सत्ता से विदाई के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में काफी गिरावट आई थी. इसके बाद लगभग दो वर्षों तक दोनों देशों के रिश्तों में कठिनाइयां बनी रहीं.

भारत ने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान के साथ संबंधों को स्थिर करने में रुचि दिखाई. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान फरवरी 2026 में चुने गए थे. उनके शपथ ग्रहण समारोह में भारत सरकार की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिस्री शामिल हुए थे.

हालांकि, शुरुआती कोशिशों के बावजूद दोनों देशों के रिश्तों में अब भी ठंडापन बना हुआ है. इसकी बड़ी वजह अवैध घुसपैठ का मुद्दा है. बांग्लादेश ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा समेत भारतीय मुख्यमंत्रियों द्वारा घोषित “पुश-इन” नीतियों पर आपत्ति जताई है.

इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच लगातार बयानबाजी होती रही है. पिछले सप्ताह ही प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार ज़ाहेद उर रहमान को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर SAARC वीजा पर यात्रा करने के कारण रोक दिया गया था.

ज़ाहेद उर रहमान भारतीय महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) की बैठक में भाग लेने के लिए बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने भारत आए थे. भारतीय सीमा अधिकारियों से बातचीत के बाद उन्होंने भारत में प्रवेश करने के बजाय ढाका लौटने का फैसला किया.

जमे हुए रिश्तों का सबसे बड़ा असर भारत आने वाले बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या पर पड़ा है. वर्ष 2024 में लगभग 17.5 लाख बांग्लादेशी नागरिक भारत आए थे. उस समय IVAC रोजाना करीब 6,000 टूरिस्ट वीजा जारी करता था.

शेख हसीना के सत्ता से हटने से पहले बांग्लादेश में 11 IVAC केंद्र काम कर रहे थे. त्रिवेदी ने गुरुवार को बताया कि फिलहाल पांच IVAC केंद्र संचालित हो रहे हैं.

उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि ढाका, राजशाही, चट्टोग्राम, खुलना और सिलहट के अलावा जल्द ही और IVAC केंद्र भी शुरू किए जाएंगे. वीजा जारी करने पर लगी सीमाओं के कारण 2025 में केवल 4.7 लाख बांग्लादेशी नागरिक ही भारत आ सके. वहीं, भारत में बांग्लादेशी मिशनों ने फरवरी 2026 से फिर वीजा जारी करना शुरू किया था.

दिसंबर 2025 में राजनीतिक आकांक्षी शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद अगरतला और नई दिल्ली स्थित दो केंद्र बंद कर दिए गए थे.

टूरिस्ट वीजा फिर से शुरू करना दोनों देशों के संबंधों को चरणबद्ध तरीके से सामान्य बनाने की व्यापक कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है.

बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान अप्रैल में भारत आए थे. दोनों देशों के रिश्तों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए कई तंत्र भी सक्रिय किए गए हैं.

हालांकि, कांसुलर संवाद अब भी ठंडे बस्ते में पड़ा है. सूत्रों के अनुसार, आव्रजन (इमिग्रेशन) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए यही सबसे उपयुक्त मंच माना जाता है.

अगस्त 2024 से फरवरी 2026 तक ढाका में अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने वाले मुहम्मद यूनुस के कार्यकाल में भारत-बांग्लादेश संबंधों में गंभीर गिरावट आई थी. नोबेल पुरस्कार विजेता यूनुस ने चीन सहित अन्य देशों की यात्राओं के दौरान सार्वजनिक रूप से भारत की आलोचना की थी.

प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने इस सप्ताह की शुरुआत में अपनी पहली विदेश यात्रा मलेशिया की. इसके अलावा वह 24 जून से 26 जून तक तीन दिवसीय चीन दौरे पर भी हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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