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Friday, 14 August, 2026
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यदि सब कुछ अनुकूल रहा तो प्रधानमंत्री तारिक रहमान भारत जायेंगे: बांग्लादेश

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ढाका, 13 अगस्त (भाषा) बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत की प्रस्तावित यात्रा को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है और इसका समय उनके ‘‘कार्यक्रम” और द्विपक्षीय बातचीत में ‘‘प्रगति’’ पर निर्भर करेगा। एक मंत्री ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने विदेश कार्यालय में पत्रकारों से कहा, ‘‘सरकार सभी देशों की यात्राओं को लेकर सकारात्मक है। लेकिन यह प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और दोनों देशों के बीच बातचीत कितनी आगे बढ़ती है, इस पर निर्भर करेगा।’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रहमान को नयी दिल्ली में होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

भारत 12 और 13 सितंबर को वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।

भारत ने बिम्सटेक के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर रहमान को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

बिम्सटेक (बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल) एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसमें भारत, श्रीलंका, थाईलैंड, बांग्लादेश, म्यांमा, नेपाल और भूटान शामिल हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा था कि रहमान को भारत आने के लिए दो अलग-अलग निमंत्रण दिए गए हैं। इनमें एक निमंत्रण द्विपक्षीय यात्रा के लिए और दूसरा सितंबर में नयी दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के संपर्क सत्र में हिस्सा लेने के लिए है।

शमा ने कहा, “ब्रिक्स में अभी काफी समय है। एक महीने में बहुत कुछ हो सकता है।’’

उन्होंने आगामी घरेलू कार्यक्रमों और संवैधानिक गतिविधियों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘सरकार व्यस्त है और प्रधानमंत्री भी व्यस्त हैं। अगर सब कुछ अनुकूल रहा, तो निश्चित रूप से भारत की यात्रा होगी, जापान की यात्रा होगी; सभी यात्राएं होंगी।’’

अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के बेदखल होने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में काफी गिरावट आई थी।

यह पूछे जाने पर कि क्या प्रधानमंत्री रहमान की भारत यात्रा से तनाव कम करने में मदद मिल सकती है, शमा ने कहा कि दोनों देशों की सरकारों के प्रमुखों के बीच सीधी बातचीत से लंबित मुद्दों को सुलझाने का अवसर मिल सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘जब भी दो देशों के शीर्ष नेता आपस में बातचीत करते हैं, तो कई समस्याओं के समाधान की संभावना बनती है। यह अवसर मौजूद है और बना हुआ है।’’

भाषा

देवेंद्र संतोष

संतोष

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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