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Monday, 10 August, 2026
होमविदेशहसीना की ‘वापसी’ वाली बात के बाद बांग्लादेश के PM के भारत के BRICS निमंत्रण को ठुकराने की संभावना

हसीना की ‘वापसी’ वाली बात के बाद बांग्लादेश के PM के भारत के BRICS निमंत्रण को ठुकराने की संभावना

बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले हफ्ते हसीना के मीडिया कार्यक्रम को लेकर नए तनाव के बाद रहमान के BRICS सत्र में शामिल होने की संभावना ‘लगभग खत्म’ हो गई है.

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नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिछले हफ्ते नई दिल्ली में हुए मीडिया कार्यक्रम को लेकर नए तनाव के बीच बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीक रहमान के सितंबर में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने की संभावना कम है. बांग्लादेशी समाचार संस्थान प्रोथोम आलो के अनुसार, हाल की घटनाओं के बाद रहमान के BRICS सत्र में शामिल होने की संभावना “लगभग खत्म” हो गई है.

BRICS प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी संगठन है. इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. बांग्लादेश इसका सदस्य नहीं है, लेकिन सितंबर 2021 में BRICS द्वारा बनाए गए न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) में आधिकारिक तौर पर शामिल हुआ था. वह इसके शुरुआती नए गैर-संस्थापक सदस्यों में से एक था.

प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (BIMSTEC) के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर रहमान को 12 और 13 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था. यह निमंत्रण 14 जुलाई को ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग के जरिए बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय को भेजे गए एक राजनयिक पत्र के माध्यम से दिया गया था.

बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने हसीना के भाषण के बाद पहले कहा था कि भारत “हसीना कार्ड खेलकर बांग्लादेश के साथ दोस्ताना संबंध बनाने की कोशिश नहीं कर सकता; ये दोनों बातें एक-दूसरे के खिलाफ हैं.”

भारत के बांग्लादेश में उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी मतभेदों को दूर करने के लिए सोमवार को ढाका में प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात करेंगे. त्रिवेदी ने रविवार को बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से दूसरी बार बंद कमरे में मुलाकात की. बाद में मीडिया से बातचीत में त्रिवेदी ने कहा, “मुझे लगता है कि जब दोनों नेता मिलते हैं, तो कई समस्याएं हल हो जाती हैं. जब हम एक-दूसरे से बात करते हैं तो समस्याएं हल होती हैं. मेरा पूरा विश्वास है कि लोग एक हैं. कोई समाधान जरूर निकलेगा. यहां कुछ भी नकारात्मक नहीं है. सब कुछ सकारात्मक है.”

उन्होंने आगे कहा, “हम सभी बांग्लादेश के प्रधानमंत्री का बहुत सम्मान करते हैं. मैंने उनके भाषण कई बार सुने हैं. वह लोगों के करीब रहने वाले व्यक्ति हैं. हमारे प्रधानमंत्री भी लोगों के करीब रहने वाले व्यक्ति हैं.”

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पिछले हफ्ते नई दिल्ली के फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में वीडियो के जरिए बातचीत के दौरान भाषण दिया था. उन्होंने दावा किया था कि देश में कानून-व्यवस्था खत्म हो गई है, अर्थव्यवस्था बर्बाद हो चुकी है और दिसंबर में उनकी घर वापसी बांग्लादेश के नागरिकों के प्रति “एक कर्तव्य” होगी.

बांग्लादेश सरकार ने एक कड़े बयान में हसीना को ये बातें कहने की अनुमति देने के लिए भारत की आलोचना की थी. उसने इसे “लोगों की भावनाओं के लिए बेहद दुखद और बांग्लादेश और भारत के बीच अच्छे द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए नुकसानदायक” बताया था.

बयान में कहा गया, “बांग्लादेश इस बात से नाराज है कि फरार और दोषी नरसंहार की आरोपी शेख हसीना को आज शाम नई दिल्ली में मीडिया के साथ लाइव बातचीत करने की अनुमति दी गई, जहां उन्होंने और उनके समर्थकों ने बांग्लादेश राज्य और उसके लोगों के खिलाफ जहरीली बातें कहीं.”

कार्यक्रम से पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने साफ किया था कि हसीना की दूसरी ऑनलाइन बातचीत में “भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है.”

विदेश मंत्रालय ने पिछले हफ्ते कहा था, “यह बातचीत एक निजी मीडिया संस्था की ओर से आयोजित की जा रही है. इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है. न ही सरकार इस मंच पर कही जाने वाली किसी भी बात का समर्थन करती है.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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