नई दिल्ली: बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र के अध्यक्ष चुने गए हैं.
इससे पहले बांग्लादेश को 41वें (1986-87) सत्र में महासभा की अध्यक्षता मिली थी. उस समय देश के तत्कालीन विदेश मंत्री हुमायूं रशीद चौधरी इस पद पर रहे थे.
मंगलवार को हुए चुनाव में रहमान को 190 में से 99 वोट मिले, जबकि बहुपक्षवाद के लिए साइप्रस के विदेश मंत्री के विशेष दूत एंड्रियास एस. काकोरिस को 91 वोट मिले.
रहमान ने इसी साल फरवरी में बांग्लादेश के विदेश मंत्री के रूप में शपथ ली थी. वह सितंबर में 81वें यूएनजीए सत्र के शुरू होने पर एक साल के कार्यकाल के लिए पद संभालेंगे.
संयुक्त राष्ट्र की क्षेत्रीय रोटेशन व्यवस्था के अनुसार, आगामी सत्र की अध्यक्षता एशिया-प्रशांत समूह को दी गई थी. बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, खलीलुर इस भूमिका को निभाने के लिए विदेश मंत्री पद से एक साल की छुट्टी ले सकते हैं.
यूएनजीए का 81वां सत्र 8 सितंबर को शुरू होने वाला है, जबकि वार्षिक उच्च-स्तरीय आम बहस (जनरल डिबेट) 22 सितंबर से शुरू होगी.
भारत ने भी रहमान को उनकी जीत पर बधाई दी है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र का अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई. @UN_PGA. हमारी साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने की उम्मीद है.”
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने लिखा, “यह उपलब्धि वैश्विक मंच पर बांग्लादेश के बढ़ते योगदान और उसकी विश्वसनीयता को दर्शाती है.”
बांग्लादेश के विदेश मंत्री को बधाई देते हुए जर्मनी की पूर्व विदेश मंत्री और मौजूदा यूएनजीए अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक ने कहा कि वह उनके पदभार संभालने तक उनके साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्सुक हैं.
बेयरबॉक ने एक्स पर लिखा, “महासभा के अध्यक्ष की भूमिका अब सिर्फ औपचारिक नहीं रह गई है, जहां केवल लिखे हुए नोट पढ़े जाते हों. हमने कई बार देखा है कि अब प्रक्रियागत नियमों को भी चुनौती दी जा रही है.”
रहमान ने 1991 में जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (यूएनसीटैड) में विशेष सलाहकार के रूप में संयुक्त राष्ट्र सचिवालय में काम शुरू किया था.
अगले 25 वर्षों में उन्होंने न्यूयॉर्क और जिनेवा में कई वरिष्ठ पदों पर काम किया. इनमें संयुक्त राष्ट्र सचिवालय में सबसे कम विकसित देशों के कार्यक्रम के प्रमुख, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में गैर-शुल्क बाधाओं पर संयुक्त राष्ट्र प्रणाली की अंतर-एजेंसी समूह के अध्यक्ष और विश्व व्यापार के उभरते एवं गतिशील क्षेत्रों से जुड़े कार्यक्रमों के प्रमुख समन्वयक जैसे पद शामिल हैं.
मंगलवार को अपने स्वीकृति भाषण में रहमान ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र इस समय एक महत्वपूर्ण दौर से गुज़र रहा है.
उन्होंने कहा, “संयुक्त राष्ट्र कई मोर्चों पर परीक्षा का सामना कर रहा है. संघर्ष और युद्ध जैसी समस्याएं, जिनसे हमारी संस्था आने वाली पीढ़ियों को बचाना चाहती थी, आज भी लोगों को असीमित पीड़ा दे रही हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “इन सभी चुनौतियों का संयुक्त प्रभाव यह है कि लोगों का हमारी संस्था की क्षमता पर भरोसा कम हो सकता है. यह भरोसा बनाए रखना एक ऐसी चुनौती है, जिसका सामना मैं आप सभी के साथ मिलकर करूंगा.”
उन्होंने यह भी वादा किया कि वह “शांति स्थापना और शांति निर्माण के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण” अपनाएंगे, जिसमें रोकथाम, राजनीतिक समाधान, शांति निर्माण को मजबूत करना और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी.
उन्होंने कहा, “मैं शांति स्थापना अभियानों को और प्रभावी बनाने के लिए संवाद का समर्थन करूंगा और शांति स्थापना में महिलाओं की अधिक भागीदारी की वकालत करूंगा.” उन्होंने यह भी कहा कि वह “लैंगिक समानता और महिलाओं तथा लड़कियों की जीवन के हर क्षेत्र में पूर्ण और सार्थक भागीदारी” को बढ़ावा देंगे.
मतदान के बाद महासभा को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बांग्लादेश के मंत्री को बधाई दी और उनकी अध्यक्षता के लिए चुने गए विषय — “भरोसा बहाल करना, बदलाव का प्रबंधन करना: ऐसा संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए काम करे” — की सराहना की.
गुटेरेस ने कहा, “यह 1945 से दुनिया की सेवा कर रही वैश्विक समस्या-समाधान व्यवस्था को मजबूत करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है.”
उन्होंने अपना “पूरा समर्थन” देने की बात कहते हुए कहा, “आपका शानदार राजनीतिक और कूटनीतिक अनुभव सफलता की गारंटी है, जिसका लाभ केवल महासभा ही नहीं, बल्कि पूरे संयुक्त राष्ट्र को मिलेगा.”
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