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Sunday, 26 April, 2026
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तूफानों से भरा है बृहस्पति, क्या कभी थमेगा ग्रेट रेड स्पॉट

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लुसीना केदज़ियोरा-शुडज़ेर, प्रोग्राम मैनेजर / एडजंक्ट रिसर्च फेलो, स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी

मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया), 28 अप्रैल (द कन्वरसेशन) बृहस्पति हमारे सौर मंडल में सबसे बड़ा ग्रह है, और इसका मौसम बहुत अनोखा है। हमारे पास बृहस्पति की सुंदर छवियां हैं जो पूरे ग्रह को ढके हुए धारीदार, तूफानी बादलों को दिखाती हैं।

दरअसल, बृहस्पति तूफानों से आच्छादित है। कुछ छोटे हैं, लेकिन कुछ इतने बड़े हैं कि वे पूरी पृथ्वी को ढक सकते हैं।

इन तूफानों में सबसे बड़ा प्रसिद्ध ग्रेट रेड स्पॉट है – जिसे मैंने देखा है और आप यह बात जानते हैं। यह स्पॉट कोई जगह नहीं वास्तव में एक चक्रवात है, जो पृथ्वी पर आने वाले तूफान और चक्रवात के समान है।

यह गोल घूमने वाली शक्तिशाली हवाओं से बना है। ये हवाएं पृथ्वी पर किसी भी तूफानी हवाओं की तुलना में पांच गुना तेज हैं।

ग्रेट रेड स्पॉट बृहस्पति के तूफानों के दादा की तरह है। यह कई वर्षों से घूम रहा है – लेकिन हाल ही में हमने इसे छोटा होते देखा है।

क्या इसका मतलब यह है कि यह एक दिन चला जाएगा? खैर, जरूरी नहीं।

तूफानी धारियाँ

बृहस्पति एक विशाल, धारीदार गेंद की तरह दिखता है जो बहुत तेजी से घूमती है। हल्के रंग की धारियाँ ऊपर उठती हवा के साथ बादल हैं, जबकि गहरे रंग की धारियाँ वह बादल हैं जो नीचे की तरह आ रहे हैं।

जब आप बृहस्पति पर एक दूसरे के बगल में गहरी और हल्की धारियों को देखते हैं, तो यह वास्तव में विपरीत दिशाओं में चलने वाली हवाएं होती हैं।

जब ऐसा होता है, तो ये बड़े चक्रवातों को स्पिन कर सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे बीच बॉल खेलते समय गेंद को एक हाथ से धक्का देना और दूसरे हाथ से खींचना इसे स्पिन कर देगा।

ग्रेट रेड स्पॉट को मनुष्य कम से कम 200 वर्षों से देख रहा है और यह लगभग पूरे समय तेज हवाएं चलाता रहता है।

सभी तूफानों की तरह, यह दिन-प्रतिदिन बदल सकता है। कभी गोल तो कभी अंडे की तरह दिखता है। इसका रंग भूरा-लाल से हल्के लाल रंग में भी बदल सकता है। कभी-कभी यह लगभग सफेद दिखता है।

लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों ने इस विशाल चक्रवात के सिकुड़ने पर ध्यान दिया है। लगभग 100 साल पहले, ग्रेट रेड स्पॉट आज की तुलना में लगभग तीन गुना बड़ा था।

क्यों सिकुड़ रहा है?

यह समझने के लिए कि यह क्यों सिकुड़ रहा है, पहले यह समझने से मदद मिलती है कि पृथ्वी पर चक्रवात क्यों सिकुड़ते हैं (और अंततः रुक जाते हैं)।

पृथ्वी पर, चक्रवात अक्सर कठोर भूमि या ठंडे पानी पर जाने से पहले गहरे, गर्म महासागरों के ऊपर बनते हैं। जब चक्रवात की हवाएँ कठोर भूमि से टकराती हैं, तो हवाएँ धीमी हो जाती हैं (और इसलिए चक्रवात धीमा हो जाता है)।

पृथ्वी पर चक्रवात अन्य मौसमों और उनके आसपास की हवाओं से भी प्रभावित होते हैं, जो कुछ ही दिनों में चक्रवात को ‘‘मंद’’ कर सकते हैं।

लेकिन बृहस्पति के पास पृथ्वी जैसी कठोर, चट्टानी सतह नहीं है। और भले ही बृहस्पति के बादलों में हवा बेहद सर्द हो, लेकिन अंदर की ओर हवा बहुत गर्म होती है। यह गर्म हवा तूफानों को महीनों, या वर्षों तक उत्पात मचाने के लिए भरपूर ऊर्जा देती है।

इसलिए जबकि ग्रेट रेड स्टॉर्म सिकुड़ रहा है, यह वास्तव में अभी भी थोड़ा लंबा हो सकता है। और इसमें घूमते रहने के लिए भरपूर ऊर्जा है।

हम इसे किनारों पर कमजोर होते भी देख सकते हैं क्योंकि यह अन्य तूफानों और इसके चारों ओर हवाओं में फिसल जाता है। लेकिन खगोलविद अभी भी नहीं जानते हैं कि क्या यह पूरी तरह से रूक जाएगा।

कुछ लोग सोचते हैं कि यह एक दिन कई छोटे तूफानों में टूट सकता है।

हाल ही में, जूनो अंतरिक्ष प्रोब (जो 2016 से बृहस्पति के चारों ओर घूम रही है) ने ग्रह से उड़ान भरते समय बृहस्पति के तूफानों की कई खूबसूरत तस्वीरें लीं। इन तस्वीरों से हमें कुछ नया सीखने को मिल सकता है।

तब तक, हम ग्रेट रेड स्पॉट की प्रशंसा कर सकते हैं जब तक यह सक्रिय है।

द कन्वरसेशन एकता

एकता

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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