नयी दिल्ली, 20 दिसंबर (भाषा) कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के मेंटोर गौतम गंभीर ने मिचेल स्टार्क के लिए अपनी फ्रेंचाइजी द्वारा रिकॉर्ड बोली लगाने के फैसले को सही बताते हुए कहा कि यह आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ‘एक्स फैक्टर’ और गेंदबाजी आक्रमण का अगुआ होगा।
केकेआर ने दुबई में मंगलवार को हुई इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) नीलामी में स्टार्क को 24.75 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि में खरीदा।
फ्रेंचाइजी के मेंटोर (मार्गदर्शक) गंभीर भी नीलामी में मौजूद थे, उन्होंने कहा, ‘‘ स्टार्क एक ‘एक्स फैक्टर’ है, इसमें कोई शक नहीं। ऐसा खिलाड़ी जो नयी गेंद से गेंदबाजी कर सकता है, डेथ ओवरों (अंतिम ओवरों) में गेंदबाजी कर सकता है और सबसे अहम बात है कि वह गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई भी कर सकता है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘वह हमारे दो घरेलू गेंदबाजों के लिए बहुत मददगार भी साबित होगा क्योंकि हमारे दोनों गेंदबाज काफी प्रतिभाशाली हैं और मैदान पर उनकी मदद के लिए आपको किसी की जरूरत है और स्टार्क इन सभी भूमिकाओं में खरे उतरेंगे। ’’
गंभीर ने ‘जियो सिनेमा’ से कहा, ‘‘वह अपनी गेंदबाजी के लिए नहीं बल्कि गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई के लिए भी अहम होंगे जो अन्य सभी गेंदबाजों की मदद करेंगे। इसलिये किसी को तो इसके लिए भुगतान करना ही होगा। ’’
केकेआर को अपनी कप्तानी में दो आईपीएल खिताब दिला चुके गंभीर ने कहा कि उनकी नजर में मजबूत बल्लेबाजी लाइन अप के बजाय मजबूत गेंदबाजी लाइन अप ज्यादा अहमियत रखता है।
पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज ने कहा, ‘‘हमारे गेंदबाजी लाइन अप में काफी गहराई है। हम हमेशा मजबूत गेंदबाजी आक्रमण चाहते थे और अब हमारे पास मुजीबुर रहमान, गुस एटकिन्सन, सुनील नारायण, वरूण चक्रवर्ती और मिचेल स्टार्क के साथ होने से काफी विकल्प हैं और हमारे पास दो भारतीय तेज गेंदबाज हर्षित राणा और सुयश शर्मा के अलावा चेतन सकारिया भी हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास अब काफी विकल्प हैं जिसमें हम स्टेडियम को देखकर विभिन्न संयोजन उतार सकते हैं। मैं हमेशा मजबूत बल्लेबाजी लाइन अप के बजाय मजबूत गेंदबाजी लाइन अप को तरजीह देता हूं। ’’
भाजपा सांसद से जब उस फ्रेंचाइजी में वापस आने के बारे में पूछा गया जिसे वह 2012 और 2014 में खिताब दिला चुके हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए केकेआर एक टीम नहीं बल्कि भावना है। इसके पीछे कारण है कि मुझे सात साल तक कोलकाता के लोगों से अथाह प्यार मिला है और उम्मीद करता हूं कि हम वैसी ही यादें बना पायें जो हमने 2012 और 2014 में बनायी थीं। कोई गारंटी नहीं है कि हम जीत जायें लेकिन एक गारंटी तो बिलकुल है कि हम डटे रहेंगे। ’’
भाषा नमिता सुधीर
सुधीर
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