रोटरडैम (नीदरलैंड), 12 अप्रैल (भाषा) सावन बरवाल ने रविवार को रोटरडैम एनएन मैराथन में भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में सबसे लंबे समय से कायम 48 साल पुराने राष्ट्रीय मैराथन रिकॉर्ड को तोड़कर इतिहास रच दिया।
हिमाचल प्रदेश के इस लंबी दूरी के धावक ने दो घंटे 11 मिनट और 58 सेकंड का समय लेकर इस शीर्ष स्तर की मैराथन में 20वां स्थान हासिल किया और शिवनाथ सिंह के नाम 1978 से कायम दो घंटे 12 मिनट के पिछले राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले दूसरे भारतीय धावक गोपी थोनकल ने 42.195 किलोमीटर की दूरी दो घंटे 13 मिनट और 16 सेकंड में पूरी करके 23वां स्थान हासिल किया।
बरवाल की उपलब्धि इसलिए भी सराहनीय है क्योंकि रोटरडैम में आयोजित यह मैराथन उनकी पहली मैराथन थी।
जनवरी में अमेरिका में आयोजित विश्व एथलेटिक्स क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में भाग लेने के बाद यह इस सत्र की उनकी दूसरी प्रतियोगिता थी।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंदर नगर के एक गांव से ताल्लुक रखने वाले 28 वर्षीय बरवाल ने कई वर्षों तक कड़ी मेहनत की है और खुद को एक बेहतर लंबी दूरी के धावक के रूप में स्थापित किया है।
सेना में कार्यरत बरवाल लगभग 21 किलोमीटर की दौड़ के बाद एक घंटे चार मिनट और 43 सेकंड के समय के साथ 27वें स्थान पर थे, जबकि गोपी 33वें पायदान पर थे।
बरवाल ने इसके बाद अपनी गति बढ़ाई और 35वें किलोमीटर के पास 19वें स्थान पर पहुंच गए।
विश्व एथलेटिक्स की वेबसाइट पर उनके पिछले दौड़ रिकॉर्ड में किसी मैराथन का उल्लेख नहीं है। उन्होंने हालांकि कई हाफ मैराथन, 5000 मीटर और 10000 मीटर दौड़ में भाग लिया है।
उन्होंने 2022 फेडरेशन कप राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 10000 मीटर में रजत पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उन्होंने दुबई में आयोजित एशियाई हाफ मैराथन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक हासिल किया था।
बरवाल ने 2024 में फेडरेशन कप में 5000 मीटर में स्वर्ण पदक जीतकर अपना पहला राष्ट्रीय खिताब जीता।
बरवाल के लिए 2025 सबसे सफल वर्ष रहा क्योंकि उन्होंने उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में 5000 मीटर और 10000 मीटर में स्वर्ण पदक, फेडरेशन कप में 10000 मीटर में स्वर्ण पदक और भुवनेश्वर में आयोजित विश्व एथलेटिक्स कांस्य स्तरीय महाद्वीपीय टूर प्रतियोगिता में 5000 मीटर में कांस्य पदक जीता।
गोपाल ठाकुर द्वारा प्रशिक्षित बरवाल दिल्ली हाफ मैराथन और विश्व 25के कोलकाता दौड़ में भी नियमित रूप से भाग लेते रहे हैं। उन्होंने 2024 में दिल्ली हाफ मैराथन में भारतीय एलीट वर्ग के धावकों में स्वर्ण पदक जीता था।
भाषा आनन्द नमिता
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