अम्माम (जोर्डन), 27 मार्च (भाषा) भारत की युवा ओलंपियन रीतिका हुड्डा बृहस्पतिवार को यहां महिलाओं की 76 किग्रा भार वर्ग की फाइनल स्पर्धा में 6-2 की बढ़त गंवा बैठी और अंतिम 10 सेकंड में चार अंक गंवाने से उन्हें एशियाई चैम्पियनशिप में रजत पदक से संतोष करना पड़ा जबकि मानसी लाठेर और मुस्कान ने कांस्य पदक जीता।
अंडर-23 विश्व चैंपियन बनने वाली भारत की पहली महिला पहलवान और ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली सबसे युवा भारतीय पहलवान 22 साल की रीतिका ने फाइनल में जगह बनाने के दौरान जापान की नोडोक यामामोतो और कोरिया की सियोयिओन जियोंग को हराया।
यह फाइनल पेरिस ओलंपिक क्वार्टर फाइनल का दोहराव था जिसमें किर्गिस्तान की एपेरी मेडेट काजी के खिलाफ रीतिका ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए ‘डबल लेग अटैक’ किया।
जवाबी हमले में उसने शुरुआती अंक गंवाए लेकिन ‘टेक-डाउन’ के साथ स्कोर 2-2 कर दिया। दूसरे पीरियड में 4-2 की बढ़त ले ली और दो अंक जुटाकर इसे मजबूत किया।
वह स्वर्ण पदक के करीब थीं लेकिन एक और आक्रामक मूव ने रीतिका को नुकसान में डाल दिया। आखिरी दो सेकंड में स्कोर 6-6 का स्कोर हो गया जो किर्गिस्तान की पहलवान के पक्ष में रहा।
रीतिका ने पहले जियोंग को तकनीकी दक्षता से हराया। भारतीय पहलवान ने टेक-डाउन मूव से अंक जुटाए और फिर विरोधी खिलाड़ी के पैर को पकड़कर दो और अंक जुटाए। रीतिका ने इसके बाद कोरियाई खिलाड़ी के पैर पकड़कर अंक जुटाए और मुकाबला अपने नाम किया।
अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता यामामोतो के खिलाफ रीतिका ने जियोंग के खिलाफ अपनाई रणनीति को दोहराया और दूसरे पीरियड में 6-0 के स्कोर पर विरोधी खिलाड़ी को चित्त करके जीत दर्ज की। रीतिका ने अस्ताना में 2023 एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था।
मानसी लाठेर ने 68 किग्रा वर्ग में और मुस्कान ने 59 किग्रा में कांस्य पदक जीते।
मानसी लाठेर ने 68 किग्रा वर्ग में मजबूत शुरुआत करते हुए अपने पहले मुकाबले में कोरिया की शेंग फेंग काइ को तकनीकी दक्षता के आधार पर हराया और उन्हें फिर जापान की एमी इशी के खिलाफ वाकओवर मिला।
मानसी को हालांकि सेमीफाइनल में चीन की जेलु ली के खिलाफ 1-10 से शिकस्त झेलनी पड़ी। लेकिन कांस्य पदक के मुकाबले में कजाखस्तान की इरीना काजुलिना को आसानी से 4-0 से हराकर पदक जीता।
मुस्कान (59 किग्रा) ने फिलिपीन्स की एरियन जी कार्पियो के खिलाफ आसान जीत दर्ज की लेकिन क्वार्टर फाइनल में जापान की सकुरा ओनिशी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कांस्य पदक के मुकाबले में मंगोलिया की अल्तजिन तोगतोख को 4-0 से हराया।
नीशू को 55 किग्रा वर्ग में युशुआन ली के खिलाफ क्वालीफिकेशन मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा लेकिन चीन की खिलाड़ी के फाइनल में जगह बनाने पर उन्हें रेपेचेज के जरिए चुनौती पेश करने का मौका मिला। नीशू ने वियतनाम की माइ ट्रेंग एनगुएन को हराकर मंगोलिया की ओटगोंटुया बयानमुंख के खिलाफ कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई।
अंकुश (50 किग्रा) ने भी जापान की रेमिना योशिमोतो के खिलाफ पहले दौर का मुकाबला तकनीकी दक्षता के आधार पर गंवाने के बाद रेपेचेज दौर में जगह बनाई लेकिन चोट के कारण कोरिया की मिरान चियोन के खिलाफ मुकाबले से हटना पड़ा।
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