हांगझोउ, 25 सितंबर (भाषा) नौकायन खिलाड़ी परमिंदर सिंह ने एशियाई खेलों में सोमवार को यहां पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स में कांस्य पदक पदक जीतकर अपने पिता की उपलब्धि की बराबरी की।
इस 23 साल के खिलाड़ी ने सतनाम सिंह, जाकर खान और सुखमीत सिंह के साथ छह मिनट 8.61 सेकेंड का समय लिया। चीन (6:02.65) को स्वर्ण जबकि उज्बेकिस्तान (6:04.64) को रजत पदक मिला। भारतीय टीम शुरुआत में चौथे स्थान पर थी लेकिन 2000 मीटर की रेस के अंतिम 500 मीटर में वापसी के साथ तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक जीता।
परमिंदर के पिता इंदरपाल सिंह ने 21 साल पहले 2002 बुसान एशियाई खेलों में पुरुषों के कॉक्सलेस स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।
परमिंदर ने ‘हांगझोउ एशियाई खेलों की वेबसाइट’ कहा, ‘‘ यह काफी सुखद है। मैं उनके कारण ही नौकायन से जुड़ा। उनका अनुसरण करते हुए उनकी आंखों के सामने पदक जीतना शानदार एहसास है।’’
इंदरपाल भारत के शुरुआती नौकायन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने 2000 सिडनी ओलंपिक में भाग लिया था। वह हांगझोउ गई भारतीय टीम के कोचिंग दल में शामिल हैं।
भाषा आनन्द आनन्द पंत
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