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Wednesday, 4 March, 2026
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स्कीट वर्ग के कोच को एशियाई खेलों का मान्यता कार्ड दिलाने के लिए एनआरएआई ओसीए से मदद मांगेगा

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नयी दिल्ली, 19 सितंबर (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) मान्यता कार्ड हासिल करने में गड़बड़ी के बाद हांगझोउ में होने वाले एशियाई खेलों के लिए एक शॉटगन कोच को टीम में शामिल करने की कोशिश कर रहा है।

एनआरएआई ने इस मामले में मदद के लिए एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) से संपर्क किया है।

मान्यता कार्ड को लेकर भ्रम की स्थिति के कारण स्कीट दल को इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में कोच के बिना उतरना पड़ सकता है।

एक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एनआरएआई ने एक अतिरिक्त मान्यता कार्ड के लिए ओसीए के कार्यवाहक प्रमुख रणधीर सिंह से मदद मांगी है। रणधीर अभी हांगझोउ नहीं पहुंचे हैं।

भारतीय टीम के साथ अभी सिर्फ शॉटगन कोच विक्रम चोपड़ा को एशियाई खेलों की मान्यता मिली है और वह ट्रैप और स्कीट निशानेबाजों वाली भारतीय टीम के साथ जा सकते हैं।

 सूत्र ने कहा कि चोपड़ा एक ट्रैप कोच हैं और उनकी विशेषज्ञता को देखते हुए वह स्कीट निशानेबाजों की मदद करने में सक्षम नहीं होंगे।

सूत्र ने कहा, ‘‘रणधीर सिंह (शॉटगन में एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता) जल्द ही हांगझोउ पहुंचेंगे और एनआरएआई ने उनसे स्कीट कोच के लिए एक अतिरिक्त मान्यता कार्ड हासिल करने में मदद करने का अनुरोध किया है।’’

टीम के दोनों विदेशी विशेषज्ञ, ट्रैप कोच मार्सेलो ड्राडी और स्कीट विशेषज्ञ एन्नियो फाल्को (दोनों इटली से) भी विभिन्न कारणों से एशियाई खेलों के दल का हिस्सा नहीं बन सके।

सूत्र ने कहा, ‘‘ स्कीट निशानेबाजों के लिए यह अनिश्चितता का माहौल है। उन्हें नहीं पता कि उनके साथ कौन जाएगा।’’

एनआरएआई के महासचिव सुल्तान सिंह ने हालांकि यह स्वीकार नहीं किया कि रणधीर से अनुरोध किया गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘हम हर संभव तरीके से कोशिश कर रहे हैं जिससे हम उन्हें (पुरुष और महिला स्कीट टीम को) कुछ सहायता दे सकें। हमने जितेंद्र बेनीवाल (स्कीट कोच) को मान्यता के लिए ओसीए से संपर्क किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ बेनीवाल का नाम पहले भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) द्वारा एशियाई खेलों की आयोजन समिति को भेजी गई एथलीटों और कोच की ‘लंबी सूची’ में शामिल नहीं किया जा सका क्योंकि उन्होंने तब तक भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर नहीं किया था।

भाषा आनन्द सुधीर

सुधीर

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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