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Monday, 9 March, 2026
होमखेलअगर सीमित ओवरों के क्रिकेट में हमारा युग होता तो एकदिवसीय प्रारूप में श्रृंखलाएं नहीं गंवाते: गंभीर

अगर सीमित ओवरों के क्रिकेट में हमारा युग होता तो एकदिवसीय प्रारूप में श्रृंखलाएं नहीं गंवाते: गंभीर

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अहमदाबाद, नौ मार्च (भाषा) भारत ने टी20 विश्व कप खिताब का बचाव करने वाली पहली टीम बनकर अपने दबदबे का सबूत दिया है लेकिन मुख्य कोच गौतम गंभीर का मानना है कि यह सीमित ओवरों के क्रिकेट में टीम इंडिया का युग नहीं है क्योंकि उन्होंने एकदिवसीय प्रारूप में श्रृंखलाएं गंवाई हैं।

सीनियर बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली अब सिर्फ भारत की एकदिवसीय टीम का ही हिस्सा हैं।

लगातार तीन वर्षों में तीन आईसीसी खिताब (2024 टी20 विश्व कप, 2025 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 विश्व कप) जीतने के बाद भारत के दबदबे की 1999 और 2007 के बीच ऑस्ट्रेलिया के दबदबे (जब टीम ने लगातार तीन एकदिवसीय विश्व कप जीते) से तुलना करना लाजमी था।

गंभीर ने इस पर जवाब देते हुए कहा, ‘‘मैं सफेद गेंद के क्रिकेट के बारे में बात नहीं करूंगा क्योंकि सफेद गेंद के क्रिकेट में एकदिवसीय प्रारूप में हमने पिछली तीन में से दो श्रृंखला गंवाई हैं। अगर यह (हमारा) युग होता तो हम दो श्रृंखला नहीं हारते।’’

उन्होंने नाम नहीं लिए लेकिन यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं था कि पिछले साल ऑस्ट्रेलिया (विदेश) और न्यूजीलैंड (स्वदेश) में श्रृंखला गंवाने के दौरान कौन-कौन खेला था।

हालांकि गंभीर इस बात से सहमत हैं कि हाल के आईसीसी टूर्नामेंट में भारतीय टीम का रिकॉर्ड अच्छा रहा है।

गंभीर ने कहा, ‘‘मैं इन युग पर विश्वास नहीं करता। आपको हर दिन मैदान उतरना होगा, चाहे आप कोई भी मैच खेल रहे हों। जब आप अपने देश के लिए खेल रहे होते हैं तो आप हर मैच जीतना चाहते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि यह द्विपक्षीय श्रृंखला है या आईसीसी ट्रॉफी है या विश्व कप है। मैं द्विपक्षीय और आईसीसी टूर्नामेंट में फर्क नहीं कर सकता क्योंकि ये एक ही हैं। सब कुछ बिल्कुल वैसा ही रहता है।’’

भाषा सुधीर

सुधीर

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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