लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे भर्ती संकट को दूर करते हुए 33,401 पदों पर नियुक्तियां पूरी की हैं. इससे विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होने के साथ शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिली है.
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अनुसार अप्रैल 2017 से वर्ष 2022 तक प्रधानाचार्यों के 783, प्रवक्ताओं के 5,321 और प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के 27,297 पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई. कुल 33,401 पदों पर भर्ती कर वर्षों से रिक्त पड़े पदों को भरा गया.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2012 से 2017 के बीच भर्ती प्रक्रिया लगभग ठप रही, जिससे माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी हो गई थी. योगी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए पारदर्शिता, सुशासन और मेरिट आधारित चयन को प्राथमिकता दी.
सरकार का कहना है कि बड़ी संख्या में टीजीटी, प्रवक्ता और प्रधानाचार्यों की नियुक्ति से विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ी है. इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने में मदद मिली है.
ऑपरेशन अलंकार, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण, डिजिटल शिक्षा और नकलविहीन परीक्षा प्रणाली जैसी पहलों के साथ शिक्षकों की नियुक्तियों ने प्रदेश में शिक्षा सुधारों को मजबूत आधार प्रदान किया है.